आरएसएस के फर्जी और कूटरचित दस्तावेज बनाकर RPSC का चेयरमैन बनने के लिए किया आवेदन, सीएम को भेजा फर्जी लेटरपैंड पर नकली पत्र

यह मामला तब सामने आया जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय कार्यवाह विजय सिंह ने करणी विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई। सिंह ने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया पर चौधरी की गतिविधियों का खुलासा हुआ, जिसमें उसने संघ के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रशासनिक पदों के लिए सिफारिश भेजी। संघ की छवि को धूमिल करने की मंशा से किए गए इस कृत्य पर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।
टीम का गठन और गिरफ्तारी
करणी विहार थाने के थाना अधिकारी गजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस उपायुक्त अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल, और सहायक पुलिस आयुक्त आलोक कुमार की देखरेख में एक विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी सहायता और आसूचना संकलन से इस बात की पुष्टि हुई कि कुशल चौधरी ने ही यह फर्जीवाड़ा किया था। इसके बाद पुलिस ने 31 अक्टूबर 2024 को आरोपी कुशल चौधरी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक लैपटॉप और एक एंड्रॉइड फोन जब्त किए गए, जिनसे इस फर्जीवाड़े के सबूत मिले।
पुलिस की तफ्तीश और आरोपी का भविष्य
करणी विहार थाने में धारा 319(2), 338, 336(3(4), 340(2), 353(2), 356(2)(3)(4) BNS 2023 एवं 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस चौधरी के डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि चौधरी ने विभिन्न सरकारी पदों को हासिल करने के लिए संघ की फर्जी पहचान का लाभ उठाने का प्रयास किया था।
कुशल चौधरी की गिरफ्तारी ने प्रशासनिक पदों पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए पहुंचने की कोशिशों पर एक सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं और चौधरी ने कितने और पत्रों का दुरुपयोग किया है।
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
जयपुर
Advertisement
राजस्थान से
सर्वाधिक पढ़ी गई
Advertisement
Traffic
Features





