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11 जून 2026 का पंचांग- परमा एकादशी पर बन रहा खास संयोग, सर्वार्थसिद्धि योग में होगा व्रत

इसके अलावा, शोभन योग भी बना हुआ है, जो रात 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। इसके बाद अतिगण्ड योग शुरू होगा। धार्मिक मान्यताओं में शोभन योग को शुभ माना जाता है। इसके अलावा दिन के अलग-अलग समय पर बव, बालव और कौलव करण भी रहेंगे, जिनका उपयोग पंचांग में शुभ-अशुभ समय देखने के लिए किया जाता है।
ग्रहों की स्थिति की बात करें तो चंद्रमा सुबह 8 बजकर 16 मिनट तक मीन राशि में रहेगा। इसके बाद वह मेष राशि में प्रवेश करेगा। वहीं सूर्य इस समय वृषभ राशि में स्थित है। ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा का राशि परिवर्तन लोगों के मन और भावनाओं पर असर डालता है।
11 जून को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 44 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 8 मिनट पर। चंद्रोदय रात 2 बजे होगा, जबकि चंद्रास्त दोपहर 3 बजकर 12 मिनट पर रहेगा। सुबह 4 बजकर 8 मिनट से 4 बजकर 56 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा। यह समय पूजा-पाठ, ध्यान और भगवान का स्मरण करने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
अगर शुभ समय की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अमृत काल सुबह 5 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। रात में भी 11 बजकर 48 मिनट से अगले दिन 1 बजकर 17 मिनट तक अमृत काल रहेगा। इन समयों में किए गए शुभ कामों को अच्छा माना जाता है।
वहीं कुछ ऐसे समय भी हैं जिनमें जरूरी और नए काम करने से बचने की सलाह दी जाती है। राहुकाल दोपहर 2 बजकर 6 मिनट से 3 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा यमगण्ड सुबह 5 बजकर 44 मिनट से 7 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। कुलिक काल सुबह 9 बजकर 5 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त भी दिन में दो बार रहेगा, इसलिए इस दौरान नए काम शुरू करने से बचना बेहतर माना जाता है।
इस दिन का सबसे प्रमुख संयोग सर्वार्थसिद्धि योग है, जो पूरे दिन प्रभावी रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ कार्य, पूजा-पाठ, दान और नए कार्यों की शुरुआत शुभ फल प्रदान करती है। इसी कारण परमा एकादशी और सर्वार्थसिद्धि योग का यह संयोग अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
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