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हरियाली तीज: पहली बार व्रत करने वाली महिलाएं जानें पूजा विधि, क्यों है झूला झूलने की परंपरा

हरियाली तीज के दिन महिलाओं के झूला झूलने का खास महत्व है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन और प्रेम के प्रतीक के तौर पर जाना जाता है। इसी खुशी में महिलाएं झूला झूलती हैं और तीज के पारंपरिक गीत गाती हैं। झूला झूलना व्रत या पूजा के लिए अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं है, बल्कि यह लोक परंपरा और उत्सव का हिस्सा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में झूला झूलने की विशेष परंपरा है। सुहागिन महिलाएं ही नहीं, कुंवारी कन्याएं भी झूला झूल सकती हैं।
इस वर्ष हरियाली तीज का शुभारंग 14 अगस्त (शुक्रवार) की शाम 6:46 से हो जाएगा, जो अगले दिन 15 अगस्त (शनिवार) को शाम 5:28 बजे तक रहेगा। पूजा के लिए 15 अगस्त को सूर्योदय से सुबह 9:08 बजे तक का समय सबसे उत्तम रहेगा।
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