भांग से शृंगार, मस्तक पर सूर्य... बाबा महाकाल के अलौकिक दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब

भस्म आरती को महाकाल मंदिर की सबसे अनोखी और पवित्र आरती माना जाता है। इसमें बाबा महाकाल के साकार और निराकार दोनों रूपों के दर्शन होते हैं। भक्तों का मानना है कि बाबा का निराकार स्वरूप जन्म और मृत्यु के चक्र से परे है, जबकि साकार रूप जीवन के सांसारिक पहलुओं का प्रतीक है। यही कारण है कि यह आरती केवल पूजा नहीं बल्कि जीवन-दर्शन का अनुभव मानी जाती है।
--आईएएनएस
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