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रॉयल नॉर्वेजियन एंबेसी ने नॉर्वे कप विजेता मिनर्वा एकेडमी एफसी को सम्मानित किया

khaskhabar.com: बुधवार, 12 नवम्बर 2025 1:43 PM (IST)
रॉयल नॉर्वेजियन एंबेसी ने नॉर्वे कप विजेता मिनर्वा एकेडमी एफसी को सम्मानित किया
चंडीगढ़। रॉयल नॉर्वेजियन एंबेसी ने एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया, जिसमें मिनर्वा एकेडमी एफसी को सम्मानित किया गया। मिनर्वा एकेडमी ने इस वर्ष जुलाई में ओस्लो में आयोजित प्रतिष्ठित नॉर्वे कप 2025 का खिताब जीता था। यह आयोजन टीम की उल्लेखनीय उपलब्धि का जश्न मनाने के साथ-साथ भारत और नॉर्वे के बीच खेलों के माध्यम से बढ़ते सांस्कृतिक और राजनयिक संबंधों को रेखांकित करता है। कार्यक्रम की शुरुआत नॉर्वे के राजदूत के संबोधन से हुई, जिन्होंने कहा कि “खेल दो देशों के बीच एक सेतु का काम कर सकते हैं और मजबूत संबंधों को बढ़ावा देते हैं।”इसके बाद एक पैनल चर्चा हुई, जिसका संचालन रीना सुन्दर, डेट मॉडर्ने इंडिया की सह-संस्थापक और कार्यक्रम की सह-आयोजक, ने किया। इस चर्चा में रंजीत बजाज (संस्थापक, मिनर्वा एकेडमी एफसी), सुरिंदर सिंह (तकनीकी निदेशक) और टीम के तीन प्रमुख खिलाड़ी — चेतन तिवारी, कोंथौजम डेनोंमोनी और थोकचोम चिंगखैगनबा सिंह शामिल थे, जिन्होंने टूर्नामेंट के अपने अनुभव साझा किए। ऐतिहासिक जीत पर विचार व्यक्त करते हुए रंजीत बजाज ने कहा कि एक भारतीय ग्रासरूट क्लब को विश्व के सबसे बड़े युवा फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक में विजयी देखना अत्यंत गर्व और भावनाओं का क्षण था। वहीं, सुरिंदर सिंह ने टीम की तैयारी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि खिलाड़ियों ने किस तरह यूरोपीय परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला और अनुशासन तथा सामरिक रणनीति से चुनौतियों को पार किया। युवा खिलाड़ियों ने भी अपने सफर की भावनात्मक यादें साझा कीं। डेनामोनी ने कहा कि उनका सपना है कि एक दिन वे भारत का प्रतिनिधित्व विश्व कप में करें।
चिंगखैगनबा ने बताया कि जीत के बाद जब उन्होंने अपनी मां को फोन किया, तो उनकी आवाज़ में गर्व और खुशी झलक रही थी। चेतन ने फिलिस्तीन के खिलाफ मैच को सबसे कठिन मुकाबला बताया और उनके जज़्बे की सराहना की। यह शाम भारतीय फुटबॉल के लिए गर्व का क्षण थी, जिसने न केवल मिनर्वा की अंतरराष्ट्रीय सफलता को उजागर किया, बल्कि भारत और नॉर्वे के बीच खेल कूटनीति को भी नई मजबूती दी।
मिनर्वा एकेडमी एफसी की नॉर्वे कप में जीत आने वाली पीढ़ी के भारतीय फुटबॉलरों के लिए प्रेरणा बन गई है — यह साबित करते हुए कि सही मंच मिलने पर देश के हर कोने की प्रतिभा वैश्विक मंच पर चमक सकती है। दूतावास के अधिकारियों, नॉर्वे के राजदूत और मिनर्वा के खिलाड़ियों के बीच मैत्रीपूर्ण फुटबॉल मैच का भी आयोजन किया गया। यह हल्का-फुल्का खेल इस बात का प्रतीक था कि फुटबॉल किस तरह सीमाओं को पार करता है और साझा जुनून और टीम वर्क के ज़रिए अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों को एक साथ लाता है।
हंसी-मज़ाक, खेल भावना और आपसी सम्मान ने इस मैच को यादगार बना दिया, जिससे यह आयोजन के सबसे यादगार पलों में से एक बन गया। यह समारोह भारतीय फुटबॉल के लिए एक गौरवशाली क्षण था, जिसने न केवल अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिनर्वा की जीत को चिह्नित किया, बल्कि भारत और नॉर्वे के बीच खेल कूटनीति को भी मजबूत किया।

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