Haryana: Kashmiri Youths Harassed in Yamunanagar, Forced to Chant Religious Slogans; Third Incident in 25 Days-m.khaskhabar.com
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Oct 16, 2026 8:47 pm
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हरियाणा : यमुनानगर में कश्मीरी युवकों से बदसलूकी, जबरन धार्मिक नारे लगवाने का दबाव, 25 दिन में तीसरी घटना

khaskhabar.com: मंगलवार, 20 जनवरी 2026 10:07 AM (IST)
हरियाणा : यमुनानगर में कश्मीरी युवकों से बदसलूकी, जबरन धार्मिक नारे लगवाने का दबाव, 25 दिन में तीसरी घटना
यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर में शॉल और चादर बेचने आए दो कश्मीरी युवकों के साथ स्थानीय कुछ युवकों द्वारा बदसलूकी और उन्हें धमकाने का मामला प्रकाश में आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कुछ लोग कश्मीरी विक्रेताओं को 'पाकिस्तानी' बताकर उन पर जबरन धार्मिक नारे लगाने का दबाव बनाते दिख रहे हैं। क्या है पूरा मामला? सोमवार को कश्मीरी युवक नजीर अहमद ख्वाजा और इम्तियाज अहमद लोन कलावड़ गांव में फेरी लगाकर कपड़े बेच रहे थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने उन्हें रोक लिया और उनकी पहचान पर सवाल उठाते हुए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
वीडियो में कैद हुई बदसलूकी :
नारेबाजी का दबाव : युवकों ने कश्मीरी विक्रेताओं से 'जय श्री राम' और 'भारत माता की जय' बोलने को कहा।
कश्मीरी युवक का तर्क: विक्रेता ने स्पष्ट रूप से कहा, "हम भारतीय हैं और भारत से प्यार करते हैं, लेकिन धर्म एक निजी विषय है। क्या आप हमारे कहने पर कलमा पढ़ेंगे?" उसने 'भारत की जय' बोलने पर सहमति जताई लेकिन 'माता' शब्द के प्रयोग पर अपनी धार्मिक मान्यता का हवाला दिया।
धमकी: आरोपी युवक वीडियो में कहता सुना गया कि "अगर यहां दोबारा दिखाई दिए तो कपड़े भी छीन लेंगे और भागने नहीं देंगे।"
25 दिन में तीसरी वारदात
हरियाणा में कश्मीरी वेंडरों को निशाना बनाने की यह पहली घटना नहीं है:
फतेहाबाद (22 दिन पहले): एक युवक ने कश्मीरी विक्रेता का गला पकड़कर उसे 'भारत माता की जय' बोलने के लिए मजबूर किया था।
कैथल (25 दिन पहले): गांव बात्ता में कश्मीरी वेंडरों को रोककर गाली-गलौज की गई और जबरन 'वंदे मातरम' बुलवाने की कोशिश की गई।
यमुनानगर (ताजा मामला): सोमवार को हुई इस घटना ने सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस का पक्ष : थाना छप्पर के एसएचओ वेदपाल के अनुसार, यह मामला उनके संज्ञान में आया है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। शिकायत न होने के कारण फिलहाल कोई कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं हुई है और मामला ग्रामीणों के बीच-बचाव के बाद शांत हो गया था।

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