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यमुनानगर में किसानों की सब्सिडी वाले यूरिया खाद की कालाबाजारी जारी

khaskhabar.com: गुरुवार, 04 सितम्बर 2025 5:13 PM (IST)
यमुनानगर में किसानों की सब्सिडी वाले यूरिया खाद की कालाबाजारी जारी
यमुनानगर। किसानों की सब्सिडी वाले यूरिया खाद की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही। मंगलवार को कृषि विभाग ने तीन मामलों में कुल 1512 कट्टे यूरिया खाद बरामद किए। पहला मामला साढ़ौरा का है, जहां कुछ यूरिया के कट्टे एक पैलेस में और 432 कट्टे अनाज मंडी के गोदाम में रखे गए थे। कृषि विभाग को सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस के साथ छापेमारी की गई। इसके बाद साढ़ौरा अनाज मंडी के गोदाम से 432 कट्टे और रॉयल पैलेस में रखे 240 कट्टे यूरिया खाद कब्जे में लिए गए। उप कृषि निदेशक डॉ. आदित्य डबास ने बताया कि सूचना के मुताबिक किसानों के सब्सिडी वाले यूरिया को प्लाईवुड फैक्ट्री में बेचने के लिए गोदाम और पैलेस में रखा गया था। मौके पर जांच में यह सूचना सही पाई गई। तीसरे मामले में ट्रक से यूरिया खाद बरामद हुई।
डॉ. आदित्य डबास ने बताया कि विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक बालमुकुंद को बुलाया गया, जिन्होंने बरामद खाद के सैंपल लिए। इस मामले को साढ़ौरा पुलिस को सौंप दिया गया है और पुलिस आरोपियों के खिलाफ पूरी जांच करेगी। साथ ही, साढ़ौरा के लाइसेंसधारी विक्रेता को लाइसेंस रद्द करने का नोटिस भी दिया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसानों को सब्सिडी वाला यूरिया लगभग 270 रुपए प्रति कट्टा मिलता है, जबकि प्लाईवुड फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाला यूरिया 2000 रुपए प्रति बैग बिकता है। कुछ दलाल इस अंतर का फायदा उठाकर मुनाफा कमाने के लिए यूरिया को गलत इस्तेमाल में लाते हैं।
उप कृषि निदेशक ने कहा कि विभाग लगातार छापेमारी कर रहा है ताकि किसानों के सब्सिडी वाले यूरिया का दुरुपयोग रोका जा सके, लेकिन इसके बावजूद ऐसे मामले सामने आते रहते हैं।

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