Hansal Mehta expressed grief over the demise of Junior Mehmood, said he was an integral part of my childhood-m.khaskhabar.com
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हंसल मेहता ने जूनियर महमूद के निधन पर किया शोक व्यक्त, कहा 'वह मेरे बचपन के अभिन्न अंग थे'

khaskhabar.com : शुक्रवार, 08 दिसम्बर 2023 5:57 PM (IST)
हंसल मेहता ने जूनियर महमूद के निधन पर किया शोक व्यक्त, कहा 'वह मेरे बचपन के अभिन्न अंग थे'
मुंबई। फिल्म निर्माता हंसल मेहता ने 'जूनियर महमूद' के नाम से मशहूर बॉलीवुड के दिग्गज हास्य अभिनेता नईम सैय्यद के निधन पर दुख व्यक्त किया और कहा कि वह उनके बचपन के अभिन्न अंग थे।

हंसल ने एक्स पर 1968 की फिल्म 'ब्रह्मचारी' की एक क्लिप शेयर की। वीडियो में जूनियर महमूद को 'हम काले है तो क्या हुआ' ट्रैक पर परफॉर्म करते हुए दिखाया गया है।

उन्होंने लिखा, ''जूनियर महमूद को उनकी क्यूटनेस और हंसी के लिए हमेशा याद रखूंगा। वह मेरे बचपन का अभिन्न अंग थे। आरआईपी जूनियर महमूद।''

जूनियर महमूद का कैंसर के चलते शुक्रवार सुबह निधन हो गया।

'मोहब्बत जिंदगी है' (1966) में एक बाल कलाकार के रूप में अपना फिल्मी करियर शुरू करने वाले जूनियर महमूद ने कई भारतीय भाषाओं में 250 से अधिक फिल्मों में काम किया, इसके अलावा उन्होंने आधा दर्जन मराठी फिल्मों का निर्देशन किया और कुछ गाने गाए।

उन्होंने 'नौनिहाल' (1967), 'ब्रह्मचारी' (1968), 'कटी पतंग' और 'आन मिलो सजना' (1970), 'कारवां', 'हाथी मेरे साथी', 'हरे रामा हरे कृष्णा' और 'जूनियर. महमूद इन हॉन्ग कॉन्ग' (सभी 1971), 'आप की कसम' और 'अमीर गरीब' (1974), 'गीत गाता चल' (1975), 'शहजादे' (1989), 'आज का अर्जुन' (1990), ' 'जुदाई' (1997), 'जर्नी बॉम्बे टू गोवा' (2007), और भी कई फिल्मों में काम किए।

सैय्यद महान हास्य अभिनेता महमूद अली को अपना गुरु मानते थे, जिन्होंने उन्हें 'जूनियर महमूद' की उपाधि दी थी।

--आईएएनएस

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