अब फास्टैग नहीं, 1 मई से शुरू होगा जीपीएस आधारित टोल सिस्टम, जानें यात्रियों को कैसे मिलेगा फायदा

फिलहाल फास्टैग उपयोग में रहेगा और 30 अप्रैल 2025 तक इसकी व्यवस्था जारी रहेगी। इसके बाद सभी वाहनों में सरकार द्वारा अनुमोदित जीपीएस डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा। इस प्रक्रिया के बाद धीरे-धीरे FASTag की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
इस बदलाव से यात्रियों को न केवल सफर के दौरान बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि टोल संग्रहण प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी, तेज़ और तकनीकी रूप से उन्नत हो जाएगी।
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