July 22nd Panchang: Auspicious to worship Lord Shiva and Vishnu, Abhijit Muhurta from 11:45 am to 12:39 pm-m.khaskhabar.com
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Aug 17, 2026 12:33 am
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22 जुलाई का पंचांग: भगवान शिव और विष्णु की पूजा करना शुभ, सुबह 11:45 से दोपहर 12:39 बजे तक अभिजीत मुहूर्त

khaskhabar.com: मंगलवार, 21 जुलाई 2026 10:54 AM (IST)
22 जुलाई का पंचांग: भगवान शिव और विष्णु की पूजा करना शुभ, सुबह 11:45 से दोपहर 12:39 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
नई दिल्ली । हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। 22 जुलाई 2026 (बुधवार) को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष नवमी तिथि (सुबह 5:16 बजे से अगले दिन सुबह 7:03 बजे) तक है। इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। इस दिन भगवान शिव और विष्णु की पूजा करना शुभ रहेगा। इस दिन सुबह 5:57 बजे सूर्योदय और शाम 7:09 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, दोपहर 1:22 बजे चन्द्रोदय और रात 12:30 बजे चन्द्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को सूर्य पुष्य नक्षत्र में गोचर करेगा। जबकि चंद्रमा रात 11:02 बजे तक स्वाति नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
वहीं, 22 जुलाई 2026 (बुधवार) को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा; इस दिन शाम 6:40 बजे तक साध्य योग रहेगा, इसके बाद शुभ योग बन रहा है। बुधवार को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 से दोपहर 12:39 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है।
वहीं, राहुकाल दोपहर 12:27 से 2:10 बजे तक रहेगा, गुलिक काल सुबह 10:44 से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा। यमगंड काल सुबह 7:19 से 9:02 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इनको अशुभ समय माना जाता है।
वहीं, 22 जुलाई (बुधवार) को सूर्य अपनी राशि बदलेगा, इस दिन सूर्य कर्क राशि से निकलकर अपनी स्वराशि सिंह राशि में प्रवेश करेगा। इस दिन सूर्य कर्क राशि में गोचर करेगा, जबकि चंद्रमा तुला राशि में संचार करेगा। बुधवार को उत्तर और पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

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