Bathing at Yamunotri Dispels the Fear of Untimely Death; Learn the Legend Associated with the Temple-m.khaskhabar.com
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यमुनोत्री में स्नान से टलता है अकाल मृत्यु का भय, जानिए मंदिर से जुड़ी पौराणिक कथा

khaskhabar.com: सोमवार, 31 अगस्त 2026 12:56 PM (IST)
यमुनोत्री में स्नान से टलता है अकाल मृत्यु का भय, जानिए मंदिर से जुड़ी पौराणिक कथा
मुंबई । भारतीय परंपरा में चार धाम यात्रा को मोक्ष प्राप्ति और आत्मा की शुद्धि का सबसे बड़ा मार्ग माना जाता है। इस पवित्र यात्रा का पहला पड़ाव है यमुनोत्री धाम। मान्यता है कि माता देवी यमुनोत्री के दर्शन से जीवन के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और मृत्यु का भय भी दूर होता है। यमुनोत्री धाम, उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में समुद्र तल से लगभग 3,235 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मां यमुना का उद्गम स्थल और पवित्र चारधामों में से एक है। हर साल हजारों श्रद्धालु कठिन चढ़ाई और दुर्गम रास्तों को पार कर यहां मां यमुना का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने भी यमुनोत्री धाम की विशेषता पर जोर दिया।
यमुनोत्री धाम को लेकर काफी पौराणिक कथा भी प्रचलित हैं। यमुनाओत्री की सबसे प्रचलित तीर्थयात्रा कथाओं में से एक में ऋषि असित मुनि का उल्लेख है, जिनके बारे में परंपरा के अनुसार कहा जाता है कि वे इसी स्थान पर रहते थे और अपनी भक्ति के अंतर्गत प्रतिदिन गंगा और यमुना दोनों में स्नान करते थे। वृद्धावस्था के कारण गंगा की यात्रा उनके लिए बहुत कठिन हो गई। इस परंपरा के अनुसार, यमुना के पास गंगा की एक धारा प्रकट हुई ताकि वे लंबी यात्रा किए बिना अपनी दैनिक पूजा जारी रख सकें। यह कथा मंदिर की संरक्षक समिति द्वारा यमुनाओत्री की तीर्थयात्रा कथाओं के भाग के रूप में दर्ज की गई है, न कि लिखित इतिहास के रूप में।
वर्तमान यमुनोत्री मंदिर का निर्माण कार्य 19वीं शताब्दी में हुआ था। वर्ष 1839 में इस मंदिर का निर्माण कराया गया था, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं और बाढ़ के कारण यह क्षतिग्रस्त हो गया था। बाद में इसका जीर्णोद्धार टिहरी गढ़वाल के राजा और अन्य रियासतों के सहयोग से किया गया।
यमुनोत्री में स्नान से अकाल मृत्यु का भय टलता है और गंगोत्री में माँ गंगा के उद्गम स्थल के दर्शन से आत्मा पवित्र होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह यात्रा हमेशा पश्चिम से पूर्व यानी यमुनोत्री से शुरू होकर बद्रीनाथ पर समाप्त होनी चाहिए।
--आईएएनएस

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