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वाहबिज दोराबजी को स्वाइप कल्चर से लगता है डर, बताया खुद का रिलेशनशिप स्टेटस

उन्होंने आईएएनएस से कहा, "मैं खुद पर, अपने करियर पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं। रिश्तों के मामले में मैं बहुत पुराने जमाने की हूं। मैं 90 के दशक के प्यार में विश्वास करती हूं। मैं किसी ऐसे व्यक्ति को चाहती हूं जो मेरे जीवन में कुछ अर्थ जोड़े, जो मेरे बराबर का हो, महत्वाकांक्षी हो, फिर भी परिवार के प्रति समर्पित हो। मुझे आजकल के स्वाइप कल्चर से बहुत डर लगता है।"
अपने करियर के बारे में बात करते हुए वाहबिज दोराबजी ने कहा, "मैंने पहली बार प्यार की एक कहानी में अभिनय किया था, मुझे ठीक से साल भी याद नहीं, शायद यह 2011 के आसपास था। एक एक्ट्रेस के तौर पर, तब से मैं काफी आगे बढ़ी हूं। मजेदार बात यह है कि मैं कभी एक्ट्रेस नहीं बनना चाहती थी। मैं असल में एक मॉडल बनना चाहती थी। मैं पुणे वापस नहीं जाना चाहती थी। एक के बाद एक चीजें होती गईं और मैंने ऑडिशन देना शुरू कर दिया। बाकी तो इतिहास है। वह शो हुआ और मुझे एक्टिंग से प्यार हो गया। खुशकिस्मती से, वह सुपरहिट साबित हुआ और तब से मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।"
टीवी इंडस्ट्री के बिजी शेड्यूल पर भी उन्होंने बात की। वाहबिज दोराबजी ने अपनी राय रखते हुए कहा, "टेलीविजन बहुत ही डिमांडिंग इंडस्ट्री है। जब आप इस दुनिया में आते हैं तो आपको पता होता है कि आप क्या करने जा रहे हैं। कभी-कभी प्रसारण का दबाव होता है और आप अपने प्रोडक्शन को कम नहीं कर सकते। लेकिन सच्चाई यह है कि हमारा शरीर इतना दबाव नहीं झेल पाता। मेरा मानना है कि आज की दुनिया को एक संतुलित और समग्र जीवनशैली की जरूरत है।"
उन्होंने यह भी कहा कि अगर काम का समय सीमित कर दिया जाए, तो कलाकारों के अभिनय में निखार आएगा, वे स्वस्थ रहेंगे, और उत्पादकता भी बढ़ेगी। इससे सबको फायदा होगा।
--आईएएनएस
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