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विश्वनाथन आनंद : मद्रास का शेर, जिसने भारतीय शतरंज में क्रांति ला दी

साल 1997, 1998, 2003, 2004 और 2008 में आनंद ने शतरंज ऑस्कर जीते। साल 2000 में आनंद ने तेहरान में आयोजित फिडे विश्व शतरंज चैंपियनशिप जीती। इसके बाद 2007, 2008, 2010 और 2012 में आनंद ने इस खेल में अपनी बादशाहत कायम रखी और वह 21 महीनों तक वर्ल्ड नंबर-1 रहे।
विश्वनाथन आनंद ने अपनी कड़ी मेहनत, विनम्रता, निरंतरता और समर्पण के साथ मिसाल पेश की है। उन्होंने प्रज्ञानंद और गुकेश जैसी नई पीढ़ी को प्रेरित किया है, जिन्होंने आनंद के बाद इस खेल में देश का नाम रोशन किया। -आईएएनएस
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