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ज्योतिर्मयी सिकदर: भारतीय एथलेटिक्स की 'नई गोल्डन गर्ल', एशियन गेम्स में जीता स्वर्ण पदक

1998 ज्योतिर्मयी का सबसे अच्छा साल था, एक ऐसा साल जिसने उनका नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया। बैंकॉक एशियन गेम्स में, उन्होंने अपने करियर की सबसे अच्छी टाइमिंग दिखाई, 800 मी में 2:01.00 और 1500 मी में 4:12.82, जिससे उन्हें 4×400 मी रिले में दो स्वर्ण और एक रजत पदक मिला। इन सफलताओं के बाद ही उन्हें भारतीय खेलों की 'नई गोल्डन गर्ल' कहा जाने लगा। 1996 में अटलांटा में आयोजित ओलंपिक में उन्होंने 4x400 मी रिले में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और सातवें नंबर पर रही थीं।
ज्योतिर्मयी सिकदर को दौड़ के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए भारत सरकार ने 1995 में अर्जुन पुरस्कार, 1998 में राजीव गांधी खेल रत्न और 2003 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। एथलेटिक्स में बड़ी सफलता और सम्मान हासिल करने के बाद ज्योतिर्मयी ने राजनीति में एंट्री की और 2004 से 2009 तक वह पश्चिम बंगाल की लोकसभा सीट कृष्णानगर से लोकसभा सांसद थीं। नादिया जिले के एक छोटे से गांव में धान के खेत पर दौड़ने से लेकर अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर भारत का तिरंगा झंडा फहराने तक की ज्योतिर्मयी सिकदर की कहानी प्रेरणादायी है।
--आईएएनएस
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