Yamunanagar: Police Officers Son Achieves Feat, Completes Everest Base Camp Trek in 11 Days-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Oct 16, 2026 5:15 am
Location
 
   राजस्थान और हरियाणा सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

यमुनानगर : पुलिस अफसर के बेटे का कमाल, 11 दिनों में एवरेस्ट बेस कैंप तक का सफर किया पूरा

khaskhabar.com: सोमवार, 05 जनवरी 2026 4:07 PM (IST)
यमुनानगर : पुलिस अफसर के बेटे का कमाल, 11 दिनों में एवरेस्ट बेस कैंप तक का सफर किया पूरा
यमुनानगर । साल 1984 में पहली भारतीय महिला बछेंद्री पाल ने एवरेस्ट पर पहुंचकर विजय हासिल की थी। उसके बाद कई और लोगों के नाम इस उपलब्धि में जुड़े, लेकिन अब यमुनानगर के 27 वर्षीय युवक दुष्यंत जौहर ने बिना किसी गाइड और बिना किसी सहायता के एक अन्य युवक के साथ मिलकर यह उपलब्धि हासिल की है। दुष्यंत जौहर, यमुनानगर पुलिस स्पेशल सेल के इंचार्ज जगदीश बिश्नोई के बेटे हैं। उन्होंने एक अन्य युवक के साथ मिलकर 5,364 मीटर की ऊंचाई तक का कठिन सफर तय किया। यह पूरा सफर करीब 153 किलोमीटर लंबा था, जिसे दोनों युवकों ने 11 दिनों में पूरा किया। इस दौरान 8 दिन चढ़ाई में और 3 दिन वापसी में लगे। ऊंचे पहाड़, ठंड, थकान और मुश्किल रास्तों के बावजूद दुष्यंत का हौसला कभी नहीं टूटा। इस उपलब्धि पर यमुनानगर के पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने दुष्यंत को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणा बनती हैं।
आईएएनएस से खास बातचीत में दुष्यंत जौहर ने बताया कि खेल हमेशा से उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है। वे पहले स्टेट साइकिलिंग चैंपियन रह चुके हैं और कई मैराथन में हिस्सा लेकर जीत भी हासिल कर चुके हैं। पिछले साल उन्होंने नेपाल का 90 किलोमीटर लंबा कठिन ट्रैक भी सफलतापूर्वक पूरा किया था। उसी अनुभव के बाद उन्होंने माउंट एवरेस्ट की ओर कदम बढ़ाने का फैसला किया।
दुष्यंत ने बताया कि 5,364 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचना आसान नहीं था। ऑक्सीजन की कमी, ठंड और लगातार चलना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन रोमांच और जुनून ने हर मुश्किल को आसान बना दिया। खास बात यह रही कि उन्होंने यह सफर बिना किसी गाइड और बिना किसी तकनीकी सहायता के पूरा किया।
आगे की योजनाओं के बारे में दुष्यंत ने बताया कि उनका सपना 8,000 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचने का है। इसके साथ ही वे यूपीएससी की तैयारी भी कर रहे हैं, ताकि भविष्य में देश और समाज की सेवा कर सकें।
अपने बेटे की इस उपलब्धि पर पिता जगदीश बिश्नोई और मां रामकली ने गर्व जताया। उन्होंने कहा कि दुष्यंत की सफलता से दूसरे बच्चों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और मेहनत के रास्ते पर चलने की अपील की।
--आईएएनएस

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement