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यमुना का जलस्तर घटा, फिर भी जिले में राहत और बचाव कार्य जारी

अब तक प्रशासन ने तहसील दादरी में 242 और तहसील सदर में 470, यानी कुल 712 राहत किट वितरित की हैं। अब तक जिला प्रशासन ने 107 व्यक्तियों और 106 पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। पशुओं की सुरक्षा को देखते हुए सेक्टर-135 ग्रीन बेल्ट, पुश्ता रोड पर एक पशु शिविर स्थापित किया गया है, जहां लगभग 1,471 गोवंश को सुरक्षित रखकर उनका उपचार भी किया जा रहा है।
प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए जिले में कुल 19 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इनमें तहसील सदर में 6, दादरी में 8 और जेवर में 5 चौकियां शामिल हैं। यहां संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी तीन शिफ्टों में लगातार ड्यूटी दे रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर भी प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देशन में 6 स्थानों पर 9 मेडिकल रिस्पॉन्स टीम गठित की गई हैं, जो अलग-अलग शरणालयों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। दवाओं और एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त व्यवस्था भी कराई गई है।
राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए एनडीआरएफ की 1 टीम, एसडीआरएफ की 2 टीमें और पीएसी 44 बटालियन की 1 टीम सहित कुल 4 बचाव दल 16 नावों के साथ तैनात किए गए हैं।
इनके सहयोग के लिए आपदा मित्र और होमगार्ड भी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय किया है, जिसके तीन हेल्पलाइन नंबर, 0120-2978231, 2978232 और 2978233, 24 घंटे संचालित हो रहे हैं।
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि हालात सामान्य होने तक राहत और बचाव कार्य लगातार जारी रहेंगे और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
--आईएएनएस
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