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वर्ल्ड स्पाइनल कॉर्ड इंजरी डेः विशेषज्ञों ने जागरूकता, बचाव और समय पर उपचार की जरूरत पर दिया जोर

स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के प्रमुख कारण क्या हैं?
सड़क दुर्घटनाएं और गिरना ट्रॉमेटिक स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के प्रमुख कारण हैं। कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाएं, ऊंचाई से गिरना और खेल संबंधी चोटें भी इसके जोखिम को बढ़ाती हैं। कुछ मामलों में स्पाइनल कॉर्ड को नुकसान किसी चोट के कारण नहीं, बल्कि अन्य चिकित्सकीय स्थितियों के कारण भी हो सकता है। इनमें ट्यूमर, संक्रमण, रक्त वाहिकाओं से संबंधित समस्याएं और अन्य चिकित्सकीय विकार शामिल हैं। विश्व स्तर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुमान के अनुसार, 1.5 करोड़ से अधिक लोग स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के साथ जीवन जी रहे हैं, जिसमें सड़क दुर्घटनाएं और गिरना प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के चेतावनी संकेत क्या हैं?
दुर्घटना के बाद गर्दन या पीठ में तेज दर्द, हाथ-पैरों में कमजोरी या उन्हें हिलाने में असमर्थता, सुन्नपन या संवेदना का कम होना, सांस लेने में कठिनाई तथा मूत्र या मल पर नियंत्रण खोना ऐसे गंभीर संकेत हैं, जिनमें तत्काल चिकितकीय सहायता लेना आवश्यक है। किन लोगों में जोखिम अधिक होता है? दो-पहिया वाहन चलाने वाले, नियमित रूप से यात्रा करने वाले, निर्माण कार्यों में लगे कर्मचारी, ऊंचाई पर काम करने वाले लोग, गिरने की अधिक संभावना वाले बुजुर्ग तथा हाई-इम्पैक्ट खेल खेलने वाले व्यक्ति स्पाइनल इंजरी के अधिक जोखिम में रहते हैं।
रीढ़ की हड्डी को सुरक्षित कैसे रखें?
हमेशा हेलमेट या सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें। जोखिम वाले कार्यस्थलों पर उचित सेफ्टी इक्विपमेंट का इस्तेमाल करें। घर और कार्यस्थल को ऐसी चीजों से मुक्त रखें, जिनसे गिरने का खतरा हो। यदि किसी व्यक्ति को स्पाइनल इंजरी की आशंका हो, तो उसे अनावश्यक रूप से हिलाने से बचें। किसी भी गंभीर दुर्घटना या चोट के बाद तुरंत चिकितकीय सहायता लें। चोट के बाद डॉक्टर द्वारा बताए गए रिहैबिलिटेशन और फिजियोथेरेपी कार्यक्रम का नियमित रूप से पालन करें, ताकि रिकवरी और दैनिक गतिविधियों में स्वतंत्रता बेहतर हो सके।
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