महिलाओं का अंधविश्वासी होना भी उनके यौन शोषण का बड़ा कारण

खरात के नेताओं, अधिकारियों, सेलिब्रिटी और व्यापारियों से भी गहरे संबंध थे। इस 67 वर्षीय पूर्व मर्चेंट नेवी कर्मचारी जो कि स्वयं को 'कैप्टन' बताता था उसने ज्योतिष और आध्यात्मिक शक्तियों के नाम पर अनेक महिलाओं को अपने जाल में फंसाया हुआ था। वह स्वयं को रसूख़दार व शक्तिशाली ज्योतिषी व आध्यात्मिक गुरु बताता था। यहां तक कि भगवान शिव का अवतार होने का दावा भी किया करता था। यह व्यक्ति संपन्न ऊंचे रसूख़ वाली उच्च पदों पर आसीन महिलाओं व उच्च पदों पर विराजमान लोगों की पत्नियों को उनके व्यक्तिगत, पारिवारिक, वैवाहिक या फिर भविष्य व कैरियर संबंधी समस्याओं का समाधान बताने के बहाने से अपने कार्यालय या अपने फ़ार्म हाउस पर बुलाया करता था। इसके बाद वह उन महिलाओं की कुंडली देखता था।
फिर किसी महिला को उसके 'पति की मौत' का ख़तरा बताता तो किसी को कोई और परिवारिक संकट बता देता। किसी को उसका 'भविष्य ख़राब' होने की भविष्यवाणी कर देता तो किसी को गंभीर बीमारी का भय बता देता। और इसी की आड़ में वह पूजा-पाठ व अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने की बातें किया करता था। यह स्वयंभू ज्योतिषी अपने कार्यालय या फ़ार्म हाउस के एक प्राइवेट केबिन में 'शुद्धिकरण' या 'रीतियों ' के नाम पर अपना शिकार बनाने वाली महिलाओं को किसी पेय के माध्यम से ऐसा नशीला पदार्थ पिलाता जिससे वे बेहोश हो जातीं या फिर सम्मोहित हो जातीं। उसके बाद वह अपने कार्यालय में ही उन महिलाओं का यौन शोषण किया करता था। और वहां गुप्त रूप से लगे सी सी टी वी कैमरों से उनकी वीडियो रिकॉर्ड करता।
बाद में इसी वीडियो के माध्यम से शिकार की गयी महिलाओं को डराता धमकाता। वह यह धमकी भी देता कि यदि उन्होंने किसी से इस 'घटना ' का ज़िक्र किया तो उनके पति की जान जा सकती है और उसका पूरा परिवार बर्बाद हो सकता है। वह उन महिलाओं को वीडियो वायरल करने की धमकी भी देता। और इसी के बहाने वह न केवल इन महिलाओं का बार-बार शारीरिक शोषण करता बल्कि उनसे पैसे भी ऐंठता रहता था। बहरहाल आख़िरकार उस स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु व स्वयंभू शिवावतार के पाप का घड़ा फूट ही गया।
एक महिला ने पिछले दिनों उसकी पुलिस में शिकायत की कि तीन साल से भी अधिक समय तक उसने अपने इसी कुचक्र में उसे उलझाये रखा। जबकि अनेक महिलाएं या तो डर के मारे या अपनी बदनामी के भय से ख़ामोश रहीं। इसी महिला की शिकायत पर नासिक क्राइम ब्रांच ने पिछले दिनों उसके फ़ार्म हाउस पर छापा मारा। पुलिस को यहां से जो पेन ड्राइव मिले उसमें लगभग एक सौ के क़रीब महिलाओं की आपत्तिजनक वीडिओ प्राप्त हुई। इसके अलावा उसके ऑफ़िस और फ़ार्म हाउस से पिस्तौल, कारतूस व अनेक संदिग्ध दस्तावेज़ मिले व करोड़ों की संपत्ति का ख़ुलासा हुआ।
हद तो यह है कि इस व्यक्ति ने महिलाओं के हितों की रक्षा करने वाली महाराष्ट्र महिला आयोग की एक पूर्व अध्यक्ष को भी नहीं बख़्शा।इस के साथ भी उसकी आपत्ति जनक तस्वीरें व वीडिओ वायरल हुये। अब जबकि खरात पुलिस हिरासत में है और एस आई टी मामले की जांच कर रही है ऐसे में अब और भी कई महिलाएं शिकायत दर्ज कराने के लिये सामने आ रही हैं। परन्तु कई महिलायें अभी भी भय व बदनामी के चलते ख़ामोश हैं।
ऐसे में एक बार फिर वही सवाल पैदा होता है कि देश में पाखण्डी व दुराचारी प्रवृति के अनेकानेक धर्मगुरुओं,ज्योतषियों के तमाम काले कारनामों के उजागर होने के बावजूद भी आख़िर महिलायें क्योंकर ऐसे पाखंडियों के चंगुल में फँस जाती हैं ? प्रायः अशिक्षित महिलाओं को तो ऐसे कुचक्रों में फंसता हुआ देखा ही जा चुका है परन्तु इस मामले ने तो सभी को इसलिये भी हैरान कर दिया है कि खरात ने शिक्षित व उच्च पदों पर रहने वाली या रसूख़दार परिवारों की महिलाओं को ही अपने जाल में फंसाया।
इससे यह साफ़ ज़ाहिर है कि अंधआस्था व अंधविश्वास केवल ग़रीब व अशिक्षित महिलाओं में ही नहीं बल्कि शिक्षित महिलायें भी इसका शिकार हैं। इसलिये यह कहना ग़लत नहीं होगा कि महिलाओं का अंधविश्वासी होना भी उनके यौन शोषण का एक बड़ा कारण है।
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