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आमजन के सहयोग से अभियान बन रहा जन आंदोलन प्रकृति के संरक्षण से ही हम संरक्षित : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

khaskhabar.com: सोमवार, 09 जून 2025 9:08 PM (IST)
आमजन के सहयोग से अभियान बन रहा जन आंदोलन प्रकृति के संरक्षण से ही हम संरक्षित : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
ब्यावर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान के माध्यम से प्रदेश के गांव मजबूत होंगे जिससे विकसित राजस्थान का संकल्प पूरा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि आमजन अपने साधन और संकल्प के साथ इस अभियान से जुड़ रहे हैं और प्रदेश की धरा को जल स्रोतों से परिपूर्ण एवं हरी-भरी बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। शर्मा सोमवार को ब्यावर के जवाजा में ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान के अंतर्गत आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर राज्य सरकार ने 5 जून को वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान की शुरुआत की है। 20 जून तक संचालित होने वाले इस अभियान में जल स्त्रोतों, नदियों, जलधाराओं और तालाबों पर जल पूजन, कलश यात्रा, जन जागरूकता, स्वच्छता अभियान जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को जल और पर्यावरण संरक्षण की परंपराओं और संस्कृति से जोड़ा जा रहा है। जल प्रबंधन ढांचा हो रहा मजबूत
उन्होंने कहा कि यह अभियान जल प्रबंधन ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, जलाशयों का पुनरुद्धार, बांध, एनीकट, नहरों की मरम्मत, वर्षा-जल संचयन संरचनाओं और पर्यावरण संवर्धन से जुड़े कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 30 करोड़ रुपये की लागत से देवाता फीडर की लाइनिंग और कवरिंग का शिलान्यास किया।
जल संरक्षण हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल ही जीवन है और जल का कोई विकल्प नहीं है। हम सदियों से पानी को सहजते और पूजते आ रहे हैं। हमारी संस्कृति में पेड़, नदी, पहाड़ों को पूजा जाता है क्योंकि प्रकृति हमारा संरक्षण करती है। हमारे पूर्वजों ने भी सैकड़ों साल पहले पानी के महत्व को समझा और तालाब, झील, बावड़ी, टांका, खड़ीन, झालरा जैसे जल संग्रहण के ढांचों का निर्माण किया। श्री शर्मा ने आह्वान किया कि आमजन जल संरचनाओं में पानी का संरक्षण करें और व्यर्थ में पानी न बहाए।
किसान और उद्योगों को पर्याप्त जलापूर्ति के लिए संकल्पित
शर्मा ने कहा कि प्रदेश के विकास में पानी की उपलब्धता बेहद अहम है। जब किसानों और उद्योगों को भरपूर पानी मिलेगा तभी प्रदेश खुशहाल होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने रामजल सेतु लिंक परियोजना (संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना) पर कार्य शुरू किया है जिससे प्रदेश के 17 जिलों के लोगों को पेयजल मिलेगा। हमने यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर, देवास परियोजना, माही बांध सहित विभिन्न परियोजनाओं का भी काम हाथ में लिया है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री ने चलाई मुहिम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ का अभियान चलाया है। उनकी इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने पहली बार ग्रीन बजट पेश किया और प्रदेशभर में ‘हरियालो राजस्थान’ संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के पानी को बचाने के लिए प्रधानमंत्री के ‘कैच द रेन’ अभियान से प्रेरणा लेकर ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान भी शुरू किया है। इसके तहत राज्य में 40 हजार से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया किया जा रहा है जिससे भूजल स्तर बढ़ेगा।
महिला, युवा, किसान, मजदूर के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार महिला, युवा, किसान और मजदूर के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। महिलाओं के लिए विभिन्न योजना संचालित करने के साथ ही राज्य सरकार ने युवाओं को 67 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी हैं। वहीं 1 लाख 84 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को वर्ष 2027 तक दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है।
ब्यावर के सर्वांगीण विकास के लिए किए विभिन्न कार्य
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने ब्यावर जिले के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 50 करोड़ रुपये की लागत से रायपुर उपखंड में भोमादा बांध के माध्यम से 12 गांवों के पेयजल की परियोजना शीघ्र शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि ब्यावर में अमृत 2.0 के तहत 6 बड़ी टंकियों के माध्यम से पेयजल सुदृढ़ीकरण का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने जवाजा तालाब की पाल पर जलाभिषेक-पूजा अर्चना की। साथ ही, उन्होंने परिसर में सिंदूर के पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर लोकगीत गाते हुए मुख्यमंत्री का स्वागत किया। जनसभा के बाद मुख्यमंत्री ने जवाजा तालाब की पाल पर ही डैम का निरीक्षण भी किया और वर्षों पुराने बरगद के पेड़ों का भी अवलोकन किया।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, विधायक शंकर सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह कानावत, शोभा चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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