Advertisement
चरमराती अर्थव्यवस्था का बोझ किसान, मजदूर, महिलाएं और गरीब क्यों उठाएं? : राव नरेंद्र सिंह

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और सब्सिडी में कमी के कारण लाखों गरीब परिवार पुनः लकड़ी, कोयला और अन्य पारंपरिक ईंधनों का उपयोग करने को मजबूर हो रहे हैं, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए नुकसानदायक है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रवासी मजदूरों और निम्न आय वर्ग के लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले छोटे गैस सिलेंडरों की कीमतों में हुई भारी वृद्धि ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है। पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और आय की अनिश्चितता से जूझ रहे मजदूर वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना संवेदनहीनता का परिचायक है।
राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी आर्थिक विफलताओं की कीमत आम जनता से वसूल रही है। किसान खेती की बढ़ती लागत से परेशान है, मजदूर रोजगार और आय की अनिश्चितता से जूझ रहा है, महिलाएं घरेलू खर्चों के दबाव में हैं और मध्यम वर्ग लगातार बढ़ती महंगाई के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “जब आर्थिक नीतियों की विफलताओं के लिए आम जनता जिम्मेदार नहीं है, तो फिर चरमराती अर्थव्यवस्था की कीमत किसान, गरीब, मजदूर, महिलाएं और मध्यम वर्ग क्यों चुकाएं?”
राव नरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार से महंगाई पर तत्काल नियंत्रण करने, रसोई गैस की कीमतों में राहत देने तथा गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
चंडीगढ़
Advertisement
हरियाणा से
सर्वाधिक पढ़ी गई
Advertisement
Traffic
Features


