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शारीरिक शिक्षक जाएं तो कहाँ जाएं- खेल प्रतियोगिता व शिक्षक सम्मेलन एक साथ

khaskhabar.com: रविवार, 30 अगस्त 2026 1:28 PM (IST)
शारीरिक शिक्षक जाएं तो कहाँ जाएं- खेल प्रतियोगिता व शिक्षक सम्मेलन एक साथ
दौसा। निकाय एवं पंचायती राज चुनाव के कारण शिक्षा विभाग द्वारा खेल कैलेंडर की तिथियों में बदलाव किए जाने के बाद शिक्षकों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 16 सितंबर से जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं शुरू होंगी। इसी दौरान 16-17 सितंबर को शिक्षक प्रतियोगिता तथा 18-19 सितंबर को शैक्षिक अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। ऐसे में शारीरिक शिक्षकों के सामने यह असमंजस पैदा हो गया है कि वे प्रतियोगिता में स्वयं भाग लें, विद्यार्थियों की टीम लेकर जाएं या शैक्षिक अधिवेशन में शामिल हों। संशोधित खेल कैलेंडर के अनुसार प्रथम समूह की जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 16 से 20 सितंबर, द्वितीय समूह की 18 से 22 सितंबर, तृतीय समूह की 21 से 25 सितंबर तथा चतुर्थ समूह की 8 से 12 अक्टूबर तक आयोजित होंगी। वहीं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा।
आरपीएससी शिक्षक फोरम के प्रदेश संयोजक कालूराम मालपुरिया ने कहा कि प्रदेश के करीब 69 हजार विद्यालयों में मात्र 23 हजार शारीरिक शिक्षक हैं। ऐसे में एक शारीरिक शिक्षक को अलग-अलग समूहों की टीमों के साथ प्रतियोगिताओं में जाना पड़ता है। चारों समूहों की प्रतियोगिताओं के बीच पर्याप्त अंतर नहीं होने से खेल व्यवस्थाएं प्रभावित होने की आशंका है।
उन्होंने विभाग से मांग की कि प्रत्येक समूह की खेल प्रतियोगिताओं के बीच कम से कम पांच दिन का अंतर रखा जाए। साथ ही शिक्षक प्रतियोगिता को दिसंबर में तथा जिला एवं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के बाद शैक्षिक अधिवेशन आयोजित किया जाए, ताकि शिक्षकों को एक साथ कई कार्यक्रमों में शामिल होने की मजबूरी न हो।
फोरम के मीडिया प्रभारी जितेंद्र सैनी कहना है कि खेल गतिविधियों की बेहतर व्यवस्था, विद्यार्थियों की सहभागिता और शिक्षकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संशोधित कार्यक्रम पर पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है। अभय सक्सेना, कैलाश शर्मा, प्रहलाद फाटक्या, राजेश निर्माण, महेंद्र जीरोता, पंकज अग्रवाल, अनिल शर्मा, केशफूल डेन्डान, कमल बीगास, राजेन्द्र गुप्ता, शंभूपोटर, विनोद सिंह, राम खिलाड़ी मीणा, जयसिंह गुर्जर, अनिल शर्मा, मीनाक्षी मल्होत्रा आदि शिक्षकों ने संशोधन पर विचार का आग्रह किया।

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