Vande Mataram resounded at the junction, with everyone from students to the general public holding the tricolor.-m.khaskhabar.com
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जंक्शन में गूंजा वंदे मातरम, विद्यार्थियों से लेकर आमजन सबने थामा तिरंगा

khaskhabar.com: शनिवार, 08 नवम्बर 2025 7:17 PM (IST)
जंक्शन में गूंजा वंदे मातरम, विद्यार्थियों से लेकर आमजन सबने थामा तिरंगा
हनुमानगढ़। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को प्रोत्साहित करने वाले और आज भी राष्ट्रीय गौरव एवं एकता का अलख जगाने वाले राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर देशभर में उत्सव का माहौल है। इसी अवसर पर शनिवार को हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित भगतसिंह चौक से अंडरपास होते हुए सर्किट हाउस और वहाँ से अग्रसेन भवन तक पदयात्रा का आयोजन किया गया। पदयात्रा में हजारों विद्यार्थियों, स्काउट-एनसीसी कैडेट्स, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन ने हाथों में तिरंगा लहराते हुए वंदे मातरम के नारों से वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। पदयात्रा की समाप्ति पर अग्रसेन भवन में वंदे मातरम का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगीत गायन से किया गया। इसमें राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पीएम श्री राजकीय विद्यालय, एनपीएस स्कूल और नवज्योति विकलांग संस्थान, जंक्शन के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से सराबोर प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि वंदे मातरम की रचना करते समय शायद यह नहीं सोचा गया होगा कि एक दिन यह गीत विश्वभर में भारत की पहचान बन जाएगा। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने के योगदान को देश सदा याद रखेगा। सरदार पटेल और बंकिमचंद्र चटर्जी हमारी स्मृतियों में सदैव अमर रहेंगे। इन्हीं महान स्मृतियों को संजोने के लिए ऐसे उत्सव किए जा रहे हैं। सरदार पटेल के जिस भारत के स्वप्न की कल्पना थी, उसकी वैभवशाली छवि आज सम्पूर्ण विश्व देख रहा है।
प्रमोद डेलू ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए प्रत्येक देशवासी के मन में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करनी होगी। इसी मंशा के अनुरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे आयोजनों की परिकल्पना को साकार किया है। कार्यक्रम का मंच संचालन भीष्म कौशिक ने किया।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक हरि शंकर, जींद विधायक कृष्ण मिड्ढा, पूर्व विधायक गुरदीप शाहपिनी, पूर्व विधायक धर्मेंद्र मोची, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रमोद डेलू, जनप्रतिनिधि अमित चौधरी, एससी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष कैलाश मेघवाल, एडीएम उम्मेदीलाल मीना, जिला परिषद सीईओ ओ.पी. बिश्नोई, एएसपी जनेश तंवर, सीडीईओ पन्नालाल कड़ेला, प्रदीप ऐरी, बलबीर बिश्नोई, देवेंद्र पारीक, विकास गुप्ता, ओम सोनी, आशीष पारीक, संजय शर्मा, गुलाब सिंवर सहित बड़ी संख्या में स्काउट्स, एनसीसी कैडेट्स, स्कूली विद्यार्थी, आमजन व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
— राष्ट्रगीत वंदे मातरम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बंकिमचंद्र चटर्जी ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की रचना 7 नवंबर, 1875 को अक्षय नवमी के पावन अवसर पर की थी। यह पहली बार साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में उनके उपन्यास आनंदमठ के एक अंश के रूप में प्रकाशित हुआ था। मातृभूमि को शक्ति, समृद्धि और दिव्यता का स्वरूप बताते हुए इस गीत ने भारत की एकता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की भावना को काव्यात्मक अभिव्यक्ति दी। शीघ्र ही यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन गया।

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