Urban Body and Panchayat Elections: Close watch on critical booths; FIRs to be registered for misconduct towards election personnel-m.khaskhabar.com
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Aug 10, 2026 4:49 am
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नगर निकाय और पंचायत चुनावः क्रिटीकल बूथों पर रहेगी पैनी नज़र, चुनाव कर्मियों से अभद्रता पर दर्ज होगी FIR

khaskhabar.com: बुधवार, 22 जुलाई 2026 9:58 PM (IST)
नगर निकाय और पंचायत चुनावः क्रिटीकल बूथों पर रहेगी पैनी नज़र, चुनाव कर्मियों से अभद्रता पर दर्ज होगी FIR
खास खबर। जयपुर राजस्थान में नगर निकाय एवं पंचायतीराज चुनाव में निष्पक्ष, स्वतंत्र और हिंसा-मुक्त मतदान कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग ने प्रशासनिक व पुलिस अमले को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर डाल दिया है।
आयोग के सचिव राजेश वर्मा की ओर से इस संबंध में विस्तृत नई गाइड लाइन जारी की गई है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि चुनाव में खलल डालने वाले असामाजिक तत्वों, उपद्रवियों और बाहुबलियों के खिलाफ सीधी व कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के लागू होने के साथ ही पूर्व में जारी 21 अगस्त 2019 और 24 जनवरी 2026 के आदेशों को अधिक्रमित कर दिया गया है।
आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और रिटर्निंग अधिकारियों को आपसी तालमेल से ऐसे मतदान केंद्रों की पहचान करने का आदेश दिया है जहाँ कमजोर वर्गों, गरीबों व भयग्रस्त मतदाताओं को डराने-धमकाने या वोट डालने से रोकने की आशंका हो।
आयोग ने ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उन्हें विशेष सुरक्षा कवर मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐसे मतदान केंद्र जहाँ पिछले चुनावों में 90% से अधिक मतदान हुआ हो और 75% से अधिक मत किसी एक ही प्रत्याशी को मिले हों; या जहाँ पूर्व में हिंसा, बूथ कैप्चरिंग, री-पोलिंग हुई हो; या जो क्षेत्र हिस्ट्रीशीटरों व आदतन अपराधियों का गढ़ हो।
राज्य निर्वाचन आयोग ने चेतावनी दी है कि चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के साथ यदि किसी भी तरह का दुर्व्यवहार किया जाता है, धमकी दी जाती है या उन्हें धमकाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ 'राजकार्य में बाधा' का आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा। आयोग ने कहा है कि चुनावी कर्मचारियों का मनोबल बनाए रखना और उन्हें पूर्ण सुरक्षा देना जिला प्रशासन की प्राथमिकता होगी।
हथियारों और हिस्ट्रीशीटरों पर कसने लगा शिकंजाः
जिला स्तर पर DM व SP तथा कमिश्नरेट में पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में स्क्रीनिंग कमेटी गठित होगी। ज़मानत पर छूटे अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों, दंगाईयों और मतदाताओं को डराने वाले लाइसेंसधारियों के हथियार तत्काल जमा कराए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही नए शस्त्र लाइसेंस जारी करने तथा आग्नेयास्त्र/धारदार हथियार लेकर घूमने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। साथ ही मतदान से 48 घंटे पूर्व शराब की बिक्री व वितरण पूरी तरह बंद रहेगा। चुनाव रैलियों में तीन से अधिक वाहनों के काफिले की अनुमति नहीं होगी।
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर रहेगा सख्त बैन, 100 मीटर दायरा सीलः
मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में तथा मतगणना स्थल के सुरक्षा घेरे में चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के अलावा किसी भी व्यक्ति को कॉर्डलेस फोन, वायरलेस सेट या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने की अनुमति नहीं होगी। नियम तोड़ने पर उपकरण तुरंत जब्त कर लिए जाएंगे।
हर सप्ताह अपलोड करनी होगी LOR-1 रिपोर्टः
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी हर सप्ताह (माह की 7, 14, 21 और 28 तारीख को शाम 6 बजे तक) Law & Order Report प्रपत्र में हथियारों की जब्ती, निवारक कार्रवाई, अवैध शराब और चुनावी हिंसा से संबंधित आंकड़ा आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। संभागीय आयुक्त और रेंज IG को चुनाव के दौरान प्रत्येक जिले की कम से कम दो समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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