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अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी यूपी की दीदियां

khaskhabar.com: मंगलवार, 15 सितम्बर 2026 5:24 PM (IST)
अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी यूपी की दीदियां
लखनऊ । प्रदेश की महिलाएं अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने के लिए 543 प्रेरणा सरस स्टोर स्थापित किए गए हैं। वहीं 3,000 से अधिक उत्पादों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। इससे ग्रामीण उत्पादों को ब्रांडिंग, बिक्री और डिजिटल बाजार की ताकत देने का रास्ता खुला है। अब स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद ओएनडीसी, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, मीशो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े बाजार तक पहुंच सकेंगे। जनपद और ब्लॉक स्तर पर स्थापित प्रेरणा सरस स्टोर जहां स्थानीय उत्पादों को व्यवस्थित बिक्री मंच दे रहे हैं, वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म उनकी पहुंच गांव और जिले से बाहर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक बढ़ाने का माध्यम बन रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए उत्पादन के बाद बाजार तक पहुंच उनकी उद्यमिता की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। योगी सरकार ने इस कड़ी को मजबूत करने के लिए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री का नेटवर्क तैयार किया है। इससे समूहों को केवल उत्पाद तैयार करने के बजाय बाजार की मांग समझकर अपने छोटे उद्यमों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केवल बचत और ऋण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर है।
उत्पादन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव बढ़ने से ग्रामीण महिलाओं के छोटे उद्यमों को विस्तार का अवसर मिल रहा है। डिजिटल बाजार की दिशा में बिजनौर राज्य एग्रीगेशन सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन विपणन कार्य शुरू किया जा चुका है। अलग-अलग समूहों के उत्पादों को एक मंच पर लाकर उनकी बिक्री और बाजार तक पहुंच को व्यवस्थित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों को दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। खासकर किसी जिले या क्षेत्र विशेष की पहचान वाले उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में यह व्यवस्था मददगार होगी।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए बाजार तक पहुंच सिर्फ बिक्री बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि उत्पाद की पहचान और ब्रांड वैल्यू बनाने का अवसर भी है। प्रेरणा सरस स्टोर और ऑनलाइन-ऑफलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उत्पादन से आगे बढ़कर ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर दिया जा रहा है।
मिशन निदेशक अरुण कुमार के मुताबिक, बाजार से जुड़ाव महिलाओं को अपने उत्पादों की मांग समझने और उसी के अनुरूप उत्पादन व विपणन की दिशा तय करने का अवसर देता है। इससे समूहों की गतिविधियां केवल आजीविका तक सीमित न रहकर छोटे उद्यमों का रूप ले सकती हैं। 3,000 से अधिक उत्पादों के लिए 543 प्रेरणा सरस स्टोर, मार्केटिंग प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन विपणन ग्रामीण महिला उद्यमिता के बदलते स्वरूप की तस्वीर पेश करते हैं।
गांव में तैयार उत्पाद अब गांव में ही बिकने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्टोर से डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेंगे। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश की ग्रामीण ‘दीदियों’ के स्थानीय हुनर को बाजार, पहचान और ब्रांड वैल्यू देने के साथ उन्हें लोकल से ग्लोबल कारोबार की दिशा में आगे बढ़ाने का नया रास्ता तैयार कर रही है।
--आईएएनएस

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