Advertisement
सूडान में लोगों का उत्पीड़न व निर्मम हत्याएँ, दोनों युद्धरत पक्ष ज़िम्मेदार

रिपोर्ट के लिए एकत्र की गई गवाही में, RSF के हिरासत केन्द्रों से बचे लोगों ने, इसकी तुलना ‘बूचड़ख़ाने’ से की.प्रताड़ित व चिकित्सा सेवा से वंचितस्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ के अनुसार, RSF के एक एक कुख्यात केन्द्र में इस वर्ष जून के बाद से, अनेकों बन्दियों की मौत हुई, जिन्हें प्रताड़ित किया गया, भोजन और चिकित्सा सेवा से वंचित रखा गया.इसी तरह, SAF द्वारा संचालित हिरासत केन्द्रों में भी आम लोगों को यातना दी गई, जिसमें बिजली के झटके, यौन उत्पीड़न शामिल था. साथ ही, उन्हें इतनी अधिक भीड़भाड़ वाले जेलख़ानों में रखा गया कि कुछ कै़दियों को खड़े होकर ही सोना पड़ा.जाँच मिशन के अध्यक्ष ने कहा कि 12 साल की छोटी लड़कियों को डरा-धमका कर विवाह के लिए मजबूर किया गया. वहीं, पुरुष और लड़कों को भी यौन उत्पीड़न और यातना का सामना करना पड़ा.रिपोर्ट की सह लेखिका मोना रिष्मावी ने, अप्रैल 2023 में शुरू हुए युद्ध का कूटनैतिक समाधान नहीं होने और युद्ध के आम लोगों पर गहरे प्रभाव को उजागर करते हुए कहा कि “सभी जानते हैं कि बलात्कार नहीं किया जा सकता, लूटपाट नहीं की जा सकती, सम्पत्ति नष्ट नहीं की जा सकती. लोगों को भुखमरी में नहीं डाला सकता…लेकिन यदि कोई जवाबदेही नहीं है, तो निश्चित ही वे यह सब जारी रखेंगे.”मानवीय आपदा मोना रिष्मावी ने सूडान में हो रहे घटनाक्रम को जनसंहार नहीं बताए जाने के प्रश्न पर कहा कि मौजूद साक्ष्य “लगभग वही प्रकार के उल्लंघनों को दर्शाते हैं जो जनसंहार में होते हैं.”उन्होंने बताया कि लोग मारे जा रहे हैं, भोजन और पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, खाद्य उत्पादन और मानवीय सहायता तक पहुँच रोकी जा रही है.इसका उद्देश्य स्पष्ट है: जनता को मारना. इस प्रकार.., इनका असली उद्देश्य लोगों को मारना है…और इसका मतलब है कि ये एक बड़ा अपराध है, जिसे मानवता के विरुद्ध ‘अपराध’ कहा जाता है.मोहम्मद चांडे ओथमन ने कहा कि युद्ध न केवल लोगों की जान ले रहा है, बल्कि जीविका के साधनों को भी नष्ट कर रहा है, जिसमें अस्पताल, बाज़ार, पानी और बिजली की आपूर्ति, और यहाँ तक कि मानवीय सहायता क़ाफ़िले भी शामिल हैं.रिपोर्ट में बताया गया कि बाज़ार बार-बार बमबारी का शिकार हुए हैं, जिससे खाद्य संकट की समस्या उपजी है, जबकि यह सभी जानते हैं कि बाज़ार खाद्य आपूर्ति के केन्द्र होते हैं.
Advertisement
प्रमुख खबरें
Advertisement
Traffic
Features


