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सांवलिया सेठ प्राकृटय स्थल पर त्रिदिवसीय जलझुलनी का मेला प्रारम्भ

khaskhabar.com: मंगलवार, 02 सितम्बर 2025 8:38 PM (IST)
सांवलिया सेठ प्राकृटय स्थल पर त्रिदिवसीय जलझुलनी का मेला प्रारम्भ
-बारिश व अव्यवस्थाओं ने किया श्रद्धालुओं को निराश चित्तौड़गढ़। प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलिया सेठ प्राकृटय स्थल मंदिर बागुंड (भादसोड़ा चौराहा) पर जलझूलनी ग्यारस का तीन दिवसीय मेला 2 से 4 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। मेले के प्रथम दिन मंगलवार को बारिश व अव्यवस्थाओं ने यहाँ आने वाले हज़ारो श्रद्धालुओं को निराश किया। जलझूलनी एकादशी पर आस पास के क्षेत्रवासियो के साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का हुज़ूम प्राकृटय स्थल मंदिर बागुंड (भादसोड़ा चौराहा) पहुँचते है। मेले के पहले दिन मंगलवार को बारिश होने तथा मंदिर मंडल प्रबंधक कमेटी द्वारा की गयी नाकाफी व्यवस्थाओं के चलते श्रद्धालुओं को निराशा हाथ लगी हैं। प्रबंधक कमेटी द्वारा बारिश को अनदेखा करके की गयी व्यवस्थाओं से मेले में आने वाले श्रद्धालुओ को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। मंदिर प्रांगण के आसपास जगह-जगह बारिश का पानी भरा होने व कीचड़ होने से मंदिर प्रांगण में पहुंचने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। मेले के मद्देनज़र यहाँ उम्मीदें लेकर आने वाले झूले चकरी डोलर व अन्य व्यवसाईयो को भी इस बार की व्यवस्थाओं से निराशा हाथ लग रही है। कई व्यवसाईयो ने तो दबी जुबान से इतना तक बोला है कि प्रबंधक कमेटी सिर्फ आमदनी तक ही ध्यान लगा रही है ओर सुविधाओं को विकसित करने में कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वाहन पार्किंग की भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओ को भारी परेशानी हो रही हैं। श्री सांवरिया सेठ के भंडार से विगत कुछ माह से प्रतिमाह रिकॉर्ड तोड़ आय होने के बावजूद प्रबंधक कार्यकारीणी कमेटी द्वारा श्रद्धालुओ की सुविधाओं को विकसित करने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रबुद्ध लोगो द्वारा समय समय पर मंदिर मंडल प्रबंधक कमेटी को श्रद्धालुओ को होने वाली असुविधाओं तथा उसके निवारण के लिए सुझाव दिये जाते हैं लेकिन उन बातो को न सिर्फ अनदेखा किया जाता है बल्कि कमेटी पदाधिकारियो द्वारा जोर जोर से बोलकर दबाने का प्रयास भी किया जाता है। यहाँ कार्यरत मंदिर मंडल प्रबंधक कमेटी के 2016 के बाद कोई विधिवत चुनाव नही होना भी न सिर्फ चर्चा का कारण है बल्कि सोसाइटी एक्ट का भी उल्लंघन है।

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