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महाकुंभ मेले में बच्चों को बिछड़ने से बचाने के लिए भोपाल के इस परिवार ने लगाई अनोखी तरकीब

परिवार के एक सदस्य अजय सोनी ने बताया कि हम लोग रेलगाड़ी से आए। रेलगाड़ी में बहुत ज्यादा भीड़ थी। इसके अलावा यहां कुंभ में भी करोड़ों लोग स्नान कर चुके हैं। भीड़ में हमारे बच्चे सुरक्षित रहें और खोएं नहीं, इसलिए हम लोगों ने यह तरीका ढूंढा है। ताकि बच्चे सुरक्षित रहें। स्याही मिट जाती है। मेहंदी कई दिनों तक मिटेगी भी नहीं। ऐसे में इनके हाथ पर नंबर देखकर कोई न कोई हमें कॉल कर देगा।
बता दें कि गुरुवार को महाकुंभ का 32वां दिन है और श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। माघी पूर्णिमा के स्नान के साथ, अब विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इस उद्देश्य के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम मौजूद है। मेला प्रशासन भी पूरी तरह से तैयार है। महाकुंभ (जो कि विश्व की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर है) में अब तक 48 करोड़ से ज्यादा लोगों ने स्नान किया है। यह पहले ही दुनिया का सबसे बड़ा समागम बन चुका है। मेला प्रशासन ने अब चार नए विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना को कार्यान्वित करना शुरू कर दिया है, जिसकी शुरुआत शुक्रवार से होगी।
--आईएएनएस
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