Teacher and accomplice who tarnished the teacher-student bond sentenced to 20 years of rigorous imprisonment-m.khaskhabar.com
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Jul 23, 2026 4:52 am
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गुरू-शिष्या के रिश्ते को कलंकित करने वाले शिक्षक और सहयोगी को 20-20 साल का कठोर कारावास

khaskhabar.com: बुधवार, 10 जून 2026 7:37 PM (IST)
गुरू-शिष्या के रिश्ते को कलंकित करने वाले शिक्षक और सहयोगी को 20-20 साल का कठोर कारावास
जोबनेर के बहुचर्चित केस में पोक्सो कोर्ट' का ऐतिहासिक फैसला; केस ऑफिसर स्कीम के तहत जयपुर ग्रामीण पुलिस की मजबूत चार्जशीट व प्रभावी पैरवी लाई रंग जयपुर। नाबालिग छात्रा के अपहरण, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के चर्चित मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी शिक्षक और उसके सहयोगी को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास तथा कुल लाखों रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। जयपुर रेंज पुलिस की प्रभावी जांच और विशेष लोक अभियोजक की सशक्त पैरवी के चलते पीड़िता को न्याय मिला। जयपुर रेंज महानिरीक्षक पुलिस श्री राहुल प्रकाश ने बताया कि जयपुर ग्रामीण जिले के जोबनेर थाना क्षेत्र में एक शिक्षक द्वारा नाबालिग छात्रा का अपहरण और बार-बार दुष्कर्म करने का अत्यंत गंभीर प्रकरण सामने आया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महानिदेशक पुलिस की विशेष अनुशंसा पर राज्य सरकार के आदेशानुसार वरिष्ठ अधिवक्ता श्री महावीर सिंह किशनावत को सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी के लिए विशिष्ट लोक अभियोजक नियुक्त किया गया था। जिन्होंने अदालत में अचूक विधिक पैरवी कर दरिंदगी के मुल्जिमों को उनके अंजाम तक पहुंचाया।
ब्लैकमेलिंग का घिनौना खेल: हरियाणा से दस्तयाब हुई थी नाबालिग
घटनाक्रम के अनुसार, 02 जनवरी 2024 को पीड़िता के परिजनों ने पुलिस थाना जोबनेर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बच्ची रात से गायब है और उन्हें स्कूल शिक्षक अफजल खान पर पूरा शक है। जोबनेर पुलिस ने बिजली की गति से एक्शन लेते हुए महज कुछ ही समय में आरोपी अफजल खान को सिरसा हरियाणा से दबोच कर नाबालिग को सुरक्षित दस्तयाब किया।
पीड़िता ने अपने बयानों में गुरू-शिष्या के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने वाली दास्तां बयां की। उसने बताया कि आरोपी अफजल खान उसे स्कूल में पढ़ाता था। उसने धोखे से उसके साथ दुष्कर्म किया और अपने मोबाइल से उसकी अश्लील तस्वीरें व वीडियो बना लिए। इसके बाद वह अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल करने लगा और जोबनेर की एक होटल सहित अनेक जगहों पर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया।
01 जनवरी 2024 को आरोपी अफजल और उसके सहयोगी रामस्वरूप ने मिलकर उसका अपहरण किया, जहां रास्ते में रामस्वरूप उतर गया और अफजल पीड़िता को दिल्ली रोड होते हुए कार में दुष्कर्म करते हुए हरियाणा ले गया।
केस ऑफिसर स्कीम और त्वरित अनुसंधान
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थानाधिकारी एवं अनुसंधान अधिकारी एसआई श्री धर्मसिंह गुर्जर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता का मेडिकल करवाया। जयपुर रेंज पुलिस द्वारा इस संवेदनशील मामले को 'केस ऑफिसर स्कीम' के तहत चयनित किया गया और थानाधिकारी को केस ऑफिसर नियुक्त कर समयबद्ध निगरानी रखी गई।
पुलिस ने ठोस वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाकर रिकॉर्ड समय में माननीय पोक्सो न्यायालय, जयपुर में दोनों आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट और भादसं की संगीन धाराओं में चार्जशीट पेश की।
गवाहों की मजबूत कतार और सजा का ऐलान
अदालत में स्पैशल पी.पी. श्री महावीर सिंह किशनावत ने अभियोजन पक्ष की ओर से बेहद प्रभावी पैरवी करते हुए 16 गवाहों के बयान दर्ज करवाए, 68 महत्वपूर्ण विधिक दस्तावेज प्रदर्शित करवाए और 12 आर्टिकल्स पेश किए। सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर जुर्म पूरी तरह साबित हुआ।
बुधवार 10 जून को माननीय पोक्सो न्यायालय (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012), जयपुर जिला के न्यायाधीश डॉ. कैलाश चन्द्र अटवासिया ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को कड़ी सजा से दंडित किया। मुख्य अभियुक्त अफजल खान निवासी ड्योडी, फुलेरा को 20 साल का कठोर कारावास तथा कुल 2.75 लाख रुपये के जुर्माने तथा सहयोगी अभियुक्त रामस्वरूप निवासी लक्ष्मीपुरा, जोबनेर को मुख्य आरोपी की मदद करने और साजिश में शामिल रहने के अपराध में दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं कुल 1 लाख 75 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।

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