State Government Completes Two Years: Press Conference Held in Karauli Under the Chairmanship of the Minister of State for Home Affairs; No Helmet, No Entry and No Seat Belt, No Entry Posters Released-m.khaskhabar.com
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Sep 8, 2026 11:43 pm
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   राजस्थान और हरियाणा सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
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राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण : करौली में गृह राज्य मंत्री की अध्यक्षता में प्रेस वार्ता आयोजित, नो हेलमेट नो एंट्री, नो सीट बेल्ट नो एंट्री पोस्टर का किया विमोचन

khaskhabar.com: गुरुवार, 11 दिसम्बर 2025 6:28 PM (IST)
राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण : करौली में गृह राज्य मंत्री की अध्यक्षता में प्रेस वार्ता आयोजित, नो हेलमेट नो एंट्री, नो सीट बेल्ट नो एंट्री पोस्टर का किया विमोचन
करौली। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा गत दो वर्षों में जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन से करौली जिले में महिला सशक्तीकरण किसान समृद्धि, युवा, श्रमिक उन्नयन तथा आमजन को सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त हुई हैं। गृह राज्य एवं करौली जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने गुरूवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि जिला प्रशासन एवं विभागीय समन्वय के माध्यम से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प को प्रदेश ने जमीनी स्तर पर साकार किया है। समृद्ध महिला - सशक्त महिलाः- जिले में महिलाओं और बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित योजनाओं ने ठोस परिणाम दिए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत दो वर्षों में 22 हजार 561 महिलाओं को 7.33 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई, वहीं मुख्यमंत्री मातृत्व योजना में 11 हजार 567 महिलाएं 2.15 करोड़ रुपये की सहायता से लाभान्वित हुईं। लाड़ो प्रोत्साहन योजना में 9 हजार 315 बालिकाओं को 2 करोड़ 32 लाख 87 हजार 500 रुपये की राशि प्रदान की गई। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत 900 प्रसूताओं को चादर वितरित की गई तथा बेटी जन्मोत्सव कार्यक्रम में प्रथम कक्षा में प्रवेश लेने वाली 400 बालिकाओं को बेबी किट प्रदान कर उनका प्रोत्साहन किया गया। सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना से 61 जोड़े लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना में 1 हजार 443 बालिकाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया तथा नारी शक्ति योजना के अंतर्गत 25 लाख रुपये का अनुदान जारी हुआ। लखपति दीदी योजना में 23 हजार 722 महिलाएं लाभान्वित हुईं और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत 348 कन्याओं को 1.28 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत दो वर्ष में 43 हजार 945 महिलाओं को 131.83 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई, जबकि जननी सुरक्षा योजना में 32 हजार 661 महिलाओं को 4.48 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई। बीपीएल देशी घी योजना के अंतर्गत 1 हजार 975 माताएं तथा मां वाउचर योजना में 4 हजार 570 महिलाएं लाभान्वित हुईं।
कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में गत दो वर्षों की प्रगति—
कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में भी जिले में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 476 हेक्टेयर भूमि को फव्वारा, ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई सुविधाओं से जोड़ते हुए 88 लाख रुपये व्यय किए गए। किसानों के खेतों पर 194 सोलर पंप स्थापित किए गए। पात्र किसानों को 45 हजार 536 वर्गमीटर ग्रीन हाउस स्थापित करने हेतु 215.08 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया तथा 11 हेक्टेयर में फल बगीचों की स्थापना के लिए 0.508 लाख रुपये की सहायता दी गई। 16 हजार 160 वर्गमीटर शेडनेट हाउस के लिए 56.42 लाख रुपये का अनुदान दिया गया। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 126 कृषकों को लाभान्वित किया गया, जल संरक्षण हेतु जलहौज एवं फार्म पॉण्ड के 248 कार्य पूर्ण किए गए तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 614 कृषकों को 1.27 करोड़ रुपये की दावा राशि उपलब्ध कराई गई। किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए 2.27 लाख मीटर तारबंदी करवाई गई और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत 23 हजार 574 किसानों को कार्ड वितरित किए गए। वर्मी कम्पोस्ट योजना में 600 इकाइयां तथा गोवर्धन जैव उर्वरक योजना में 169 इकाइयां स्थापित की गईं। जिले में 63 पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित किए गए। पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार हेतु 18 नए उपकेन्द्र स्थापित किए गए, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत 24 हजार 556 पशुओं का बीमा किया गया तथा एनएडीसीपी एफएमडी टीकाकरण अभियान में 8.57 लाख पशुओं का टीकाकरण कर पशुधन को रोगों से सुरक्षित किया गया। कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत 1 लाख 55 हजार 859 पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान कर नस्ल सुधार सुनिश्चित किया गया, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना से पशुपालकों को 1.58 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया तथा कृषि विद्युत कनेक्शनों के अंतर्गत 2 हजार 166 किसानों को नए कनेक्शन प्रदान किए गए। बिजली बिल अनुदान योजना में किसानों को 939 करोड़ रुपये की राहत दी गई और मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के अंतर्गत 21 लाख 7 हजार 36 पशुओं को निःशुल्क दवाइयों का लाभ प्रदान किया गया।
रोजगार और कौशल विकास के माध्यम से युवा एवं श्रमिक सशक्तीकरण
की दिशा में अग्रसर राज्य सरकार—
युवा एवं श्रमिक सशक्तिकरण की दिशा में भी राज्य सरकार ने जिले में सार्थक पहल की है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना में 314 युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनाओं के तहत 951 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर लाभान्वित किया गया। सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से 2 हजार 494 युवाओं के व्यक्तित्व विकास एवं रोजगार योग्यता को सुदृढ़ किया गया। निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना के अंतर्गत 16 हजार 625 श्रमिकों को 15.81 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 112 युवाओं एवं आवेदकों को स्वरोजगार हेतु 4.44 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई। विश्वकर्मा योजनाओं में 20 हजार 439 पारंपरिक कारीगरों एवं श्रमिकों को पहचान पत्र, प्रशिक्षण, टूलकिट एवं ऋण सुविधा उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया गया। राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 323 युवाओं के लिए रोजगार अवसर प्रस्तावित किए गए।
वंदे गंगा जलसंरक्षण जन अभियान बना जन-आंदोलन की मिसाल—
राज्य सरकार द्वारा गत 5 से 20 जून तक संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जिले में जन-आंदोलन की मिसाल साबित हुआ। जिले में कुल 5 हजार 13 कार्य संपन्न हुए, जिनमें हरियालो राजस्थान के 594, साफ-सफाई के 1 हजार 770, भूमि एवं जल पूजन के 333, नए कार्यारंभ के 64 तथा 205 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण शामिल रहा। इस अवधि में 571 श्रमदान कार्यक्रम, 1 हजार 15 आईईसी गतिविधियाँ, 103 कार्यशालाएँ एवं 357 अन्य गतिविधियाँ आयोजित की गईं। अभियान के दौरान कुल 5 हजार 625 कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 69 हजार 52 पुरुष एवं 69 हजार 202 महिलाओं ने सहभागिता निभाई। जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में इस अभियान ने जल संरक्षण, हरियाली विस्तार और जनजागरण को नई गति प्रदान की है और यह जन-आंदोलन के रूप में स्थापित हो चुका है।
ग्रामीण सेवा शिविर एवं शहरी सेवा शिविर: प्रमुख उपलब्धियां—
ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों ने जिले में सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत किया। ग्रामीण सेवा शिविरों में राजस्व विभाग द्वारा नामांतरण, सीमाज्ञान, रास्ता एवं बंटवारा संबंधी 21 हजार 800 से अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया गया। बीपीएल सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत 9 हजार 500 से अधिक परिवारों का सत्यापन हुआ तथा 13 हजार 300 से अधिक परिवारों से आवेदन प्राप्त हुए। मनरेगा एवं पंचायती राज योजनाओं के अन्तर्गत 5 हजार 400 से अधिक विकास कार्य स्वीकृत किए गए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 1 लाख 93 हजार 444 लाभार्थियों की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत जाँच एवं उपचार कर उन्हें लाभान्वित किया। शहरी सेवा शिविरों में नगर क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं की डोर-स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित की गई, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने 11 हजार 396 लोगों का उपचार किया, 6 हजार 718 की एनसीडी स्क्रीनिंग तथा 3 हजार 678 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 38 कार्ड जारी किए गए और 100 पात्रों की केवाईसी की गई। खाद्य विभाग द्वारा 1 हजार 230 एनएफएसए परिवारों की ई-केवाईसी एवं 1 हजार 248 परिवारों की आधार सीडिंग की गई। राजस्व विभाग ने 90ए के 4 मामलों, 105 पट्टा आवेदनों, 34 नामांतरण, 13 भवन मानचित्र अनुमोदन तथा 9 भूखण्ड उपविभाजन प्रकरणों का निस्तारण किया। नगर निकायों द्वारा जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण के 1 हजार 826 मामलों, बेसहारा पशु पकड़ने की 448 तथा स्ट्रीट लाइट मरम्मत की 694 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा (24 जून-09 जुलाई 2025)
24 जून से 9 जुलाई 2025 तक आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़ा जिले में सेवा वितरण का सशक्त माध्यम बना। इस दौरान 24 हजार से अधिक व्यक्तियों की एनसीडी जांच, 20 हजार से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत 81 हजार से अधिक पशुओं का उपचार एवं टीकाकरण और 17 हजार से अधिक पशुपालकों को लाभ प्रदान किया गया। हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत 2.04 लाख गड्ढों का निर्माण एवं 2.49 लाख से अधिक पौधरोपण किया गया। सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 2 हजार 800 से अधिक पेंशनधारियों का सत्यापन तथा मातृ वंदना योजना के 2 हजार पंजीकरण किए गए। पखवाड़े के दौरान सतत् मॉनिटरिंग एवं ग्राउंड लेवल समीक्षा से समयबद्ध एवं प्रभावी लाभ वितरण सुनिश्चित किया गया और जिलेवासियों को उनके द्वार पर ही त्वरित राहत प्रदान की गई।
इस अवसर पर जिला प्रभारी मंत्री ने सडक सुरक्षा से संबंधित पोस्टर नो हेलमेट नो एंट्री, नो सीट बेल्ट नो एंट्री पोस्टर का विमोचन किया गया।

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