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विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 : 4.25 करोड़ गणना प्रपत्र वितरित, प्रदेश के 78 प्रतिशत मतदाताओं तक पहुंचा अभियान

विधानसभा क्षेत्रों में झालरापाटन 99.4% एवं डग 97.3 प्रतिशत वितरण के साथ शीर्ष पर है। इस सूची में भरतपुर विधानसभा क्षेत्र 49.2 एवं सादुलशहर विधानसभा क्षेत्र 52.5 प्रतिशत वितरण के साथ सबसे पीछे चल रहे हैं।
डिजिटाइजेशन पर जोर, 11.30 लाख फॉर्म ईसीआईनेट पर दर्ज—
महाजन ने बताया कि भरे हुए गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य भी तेजी से चल रहा है। अब तक 11.30 लाख गणना फॉर्म ईसीआईनेट पर डिजिटाइज किए जा चुके हैं। डिजिटाइजेशन में बाड़मेर, भरतपुर एवं झालावाड़ सबसे आगे है जबकि बीकानेर, चुरू एवं टोंक में इसकी गति धीमी है।विधानसभा क्षेत्रों में देखें तो बाड़मेर सबसे आगे एवं दातारामगढ़ सबसे पीछे है।
उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया कि डिजिटाइजेशन की गति और बढ़ाई जाए तथा बीएलओ को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग स्वयं इस अभियान की नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है, और पिछड़ने वाले जिलों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (EROs) को कार्य में सुधार के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
जोधपुर जिले में हुए कार्य की गति में बढ़ोतरी पर संतोष जाहिर किया।
ऑनलाइन गणना फॉर्म भरने का विकल्प—
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे गणना फॉर्म ऑनलाइन भरने की सुविधा का लाभ उठाएँ। मतदाता https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर सीधे ही गणना प्रपत्र भर सकते हैं।
ऑनलाइन भरे गए फॉर्म स्वतः संबंधित बीएलओ तक पहुंच जाते हैं, इसलिए ऐसे मतदाताओं को दोबारा मैनुअल फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है।
घर-घर जाकर सत्यापन जारी—
4 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक चलने वाले इस अभियान में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) प्रत्येक मतदाता के घर जाकर नाम, पता, आयु और अन्य विवरणों का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। श्री महाजन ने कहा कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि जब बीएलओ आपके घर पहुंचे, तो सही और अद्यतन जानकारी अवश्य प्रदान करें। यह आपका लोकतांत्रिक अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है। श्री महाजन ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026, राज्य की लोकतांत्रिक मजबूती की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। प्रत्येक पात्र मतदाता को सूची में शामिल करना और किसी अपात्र प्रविष्टि को हटाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
एक नजर:
• गणना प्रपत्र वितरण: 4.25 करोड़
• कवर किए गए मतदाता: 78%
• अग्रणी जिला: झालावाड़ (95.15%)
• सबसे पिछड़ा जिला: झुंझुनू (66.26%)
• शीर्ष विधानसभा क्षेत्र: झालरापाटन (99.4%)
• डिजिटाइज्ड फॉर्म: 11.30 लाख+
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