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कांगड़ा जिला के सीमावर्ती क्षेत्रों में एंटी-चिट्टा अभियान पर दिया जा रहा विशेष फोकस: उपायुक्त

उपायुक्त ने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि प्रत्येक नशा निवारण समिति हर दो सप्ताह में नियमित बैठक करेगी, जबकि एसडीएम स्तर पर मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य चिट्टे की समस्या पर डिमांड साइड और सप्लाई साइड दोनों मोर्चों पर प्रभावी ढंग से कार्य करना है। डिमांड साइड पर युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल सुविधाओं के विकास, रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा सकारात्मक विकल्प उपलब्ध करवाने की योजनाएं समितियों द्वारा बनाई जाएंगी। वहीं सप्लाई साइड को तोड़ने के लिए क्षेत्र में बाहरी अथवा संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों पर समितियां सतत निगरानी रखेंगी तथा आवश्यक सूचना तुरंत पुलिस प्रशासन को उपलब्ध करवाई जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि इन सामूहिक प्रयासों के माध्यम से क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस और परिणाममुखी कदम सुनिश्चित किए जाएंगे। उन्होंने युवाओं, अभिभावकों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, महिला मंडलों एवं विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों से नशे के विरुद्ध अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन या पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में एंटी-चिट्टा वाॅकथाॅन का आयोजन उप-मंडल स्तर पर भी किया जाएगा, जिससे आमजन में जागरूकता बढ़े और नशे के विरुद्ध सकारात्मक माहौल तैयार हो सके। उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ सख्त प्रवर्तन के साथ-साथ नशे से पीड़ित व्यक्तियों की काउंसलिंग, उपचार एवं पुनर्वास व्यवस्था को भी सुदृढ़ कर रही है। स्कूलों और काॅलेजों में एंटी-ड्रग क्लब, प्रहरी क्लब तथा साथी शिक्षा कार्यक्रमों को और अधिक सक्रिय बनाया गया है, ताकि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि एंटी-चिट्टा अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से राज्य सरकार शीघ्र ही चिट्टा सूचना इनाम योजना आरंभ करने जा रही है। इस योजना के अंतर्गत चिट्टा संबंधी सूचना देने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। कोई भी नागरिक 112 नंबर पर कॉल करके अथवा नजदीकी पुलिस थाना में इसकी सूचना दे सकता है। उन्होंने नागरिकों से निर्भीक होकर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार युवाओं की सुरक्षा और भविष्य को सुरक्षित रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य किया जा रहा है।
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