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सशस्त्र सीमा बल ने ज्वालामुखी में 62 वां स्थापना दिवस मनाया

संजय सिंघल ने एस एस बी की विगत एंव वर्तमान भूमिकाओं की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुये कहा कि यही ऐसा अर्ध सैनिक बल है जो सुदूर एंव दुर्गम क्षेत्रों में रह रहे अनभिज्ञ लोगों को देशभक्ति का पाठ पढ़ाकर मुख्य धारा से जोड़ रहा है, बल्कि उनके उत्थान के लिये घर घर जाकर अपनी सेवाओं से लाभन्वित करता रहा है । यही वजह है कि हिमाचल व दूसरे प्रदेशों के लोग तहदिल से एसएसबी को याद करते हैं । उन्होंने विशवास जताया कि यह जवान भविष्य में अपने बल में शामिल होकर शोर्य , उत्साह एंव वीरता का परिचय देंगे । इस समय भारत नेपाल व भारत भूटान पर बल के जवान तैनात हैं। 2400 किलो मीटर सीमा के रक्षा के लिये करीब 58 बटालियन तैनात हैं।
उन्होंने इससे पहले परेड का निरीक्षण व सुन्दर मार्च पास्ट की सलामी ली । इस अवसर पर विशेष महानिदेशक अनुपमा नीलेकर चंद्रा भी उनके साथ थीं।
परेड का नेतृत्व परेड कमांडर कमाडेंट संजीव कुमार कर रहे थे।
इससे पहले उन्होंने सपडी में एसएसबी के शहीद स्मारक में बल के शहीदों को भावभिनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
दर्शक दीर्घा में हिमाचल प्रदेश के अन्य प्रतिष्ठित आतिथि ,एसएसबी के भूतपूर्व अधिकारीयों की उपस्थिती में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जवानों का विभिन्न विषयों में किया गया प्रर्दशन उनके उच्च कोटि के प्रशिक्षण की पूर्ण झलक उजागर कर रहा था तथा व्यवस्थित कतारो ं में उनकी छटा देखते ही बन रही थी । जिसे देखकर सभी दर्शक मत्रंमुग्ध हो गये । इस मौके पर जवानों ने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई हर एक कला का प्रर्दशन किया। खासकर एसएसबी की वीरांगनाओं का कौशल देखते ही बन रहा था। वहीं श्वान दस्ता और आधुनिक संचार उपकरणों का प्रदर्शन हर किसी को आकर्षित कर रहा था।
इस अवसर पर सोमित जोशी महानिरिक्षक, प्रशिक्षण एवं प्रशासन भी मौजूद रहे।
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