Advertisement
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में एक सभा को करेंगे संबोधित

यह कार्यक्रम बातचीत, आपसी सम्मान, साझा जिम्मेदारी और सेवा के लिए 'वसुधैव कुटुंबकम' (पूरी दुनिया एक परिवार है) के प्राचीन भारतीय दार्शनिक सिद्धांत को एक आधार के तौर पर पेश करेगा।
उम्मीद है कि इसमें अलग-अलग भाषाई, क्षेत्रीय, सांस्कृतिक और संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले लोग शामिल होंगे। आयोजकों ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद यह दिखाना होगा कि कैसे एक विविधतापूर्ण समुदाय अपनी अलग-अलग परंपराओं को बनाए रखते हुए भी साझा मूल्यों के आधार पर एकजुट हो सकता है।
रक्षा बंधन पारंपरिक रूप से भाई-बहनों के बीच के रिश्ते और एक-दूसरे की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी का सम्मान करता है। आयोजकों के अनुसार, न्यूयॉर्क का यह कार्यक्रम इस भावना को समुदायों, देशों, मानवता और प्रकृति के बीच के रिश्तों तक भी बढ़ाएगा।
इसमें समुदाय के नेताओं, उद्यमियों, डॉक्टरों, शिक्षकों, वकीलों, कलाकारों, चुने हुए अधिकारियों, पूर्व सैनिकों, युवा नेताओं, धार्मिक नेताओं और स्वयंसेवकों के शामिल होने की उम्मीद है।
देश भर के मंदिरों, योग संगठनों, शिक्षण संस्थानों, सेवा समूहों, भाषाई और क्षेत्रीय संघों, सांस्कृतिक निकायों और अलग-अलग धर्मों के समुदायों से भी प्रतिनिधिमंडल आएंगे।
--आईएएनएस
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
प्रमुख खबरें
Advertisement
Traffic
Features


