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एनएच पर बड़े-बड़े गड्ढे, टूटी सतह, जलभराव और इंजीनियरिंग की खामी से बढ़ रहे हें सड़क हादसे : कुमारी सैलजा

सड़कें जीवन जोड़ने का माध्यम हो न की जीवन छीनने का
कुमारी सैलजा ने एनएच -9 पर डिंग मोड, साहुवाला प्रथम, ओढ़ा, चोरमार और सावंत खेड़ा में अंडर ब्रिज निर्माण हेतु डीपीआर तैयार किए जाने की पूर्व सूचना की भी याद दिलाई, परंतु हाल ही में सिरसा में हुई दिशा की बैठक में अधिकारियों द्वारा यह बताया गया कि डिंग कस्बे को इस योजना से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने इसे अत्यंत जन-विरोधी निर्णय बताते हुए कहा कि डिंग तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है और इसके बीच से राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरता है। भारी यातायात के कारण यहां अंडर ब्रिज अनिवार्य है। इसे योजना से हटाना दुर्घटनाओं की संभावना को और बढ़ा देगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि डिंग को तुरंत पुन: योजना में शामिल किया जाए। सैलजा ने कहा कि हरियाणा की जनता कर भी भरती है और टोल भी देती है, लेकिन इसके बावजूद उसे सुरक्षित और सुविधाजनक सड़के उपलब्ध नहीं हैं। सड़के जीवन जोड़ने का माध्यम होनी चाहिए, न कि जीवन छीनने का कारण। उन्होंने सरकार से तुरंत सभी राष्ट्रीय राजमार्गों की स्वतंत्र तकनीकी जांच करवाने, टोल नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, सिरसा दक्षिणी बाईपास व अन्य अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा कराने और हरियाणा की सड़क व्यवस्था को जनहित में तत्काल सुधारने की मांग की।
कुमारी सैलजा ने कहा कि नेशनल हाईवे पर जल निकासी का कोई उचित प्रबंध नहीं है, हाईवे के दोनों ओर नालों का निर्माण तो किया गया पर उनकी सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, इन नालों में मिट्टी भर चुकी है, घास और झाडियां खड़ी है और नाले भी क्षतिग्रस्त हो चुके है उनके रखरखाव पर पैसा कहां खर्च किया जा रहा है इसकी भी जांच करवाई जाए। नेशनल हाइवे पर लाइट का प्रबंध न होने पर आए दिन हादसे होते रहते है, अगर लाइट लगी है तो जलती नहीं है या लाइट क्षतिग्रस्त हो चुकी है। दुर्घटना संभावित स्थानों पर संकेतक लगाए जाए, वन्य जीवों के कारण होने वाले सड़क हादसों की रोकने की दिशा मे भी उचित कदम उठाए जाए।
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