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मंदाकिनी नदी के किनारे लगेगी नदी की पाठशाला

पिछले दिनों मंदाकिनी गंगा दर्शन यात्रा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र रामबाबू तिवारी की अगुवाई में निकाली गई थी, इसका मकसद नदी की अविरलता और निर्मलता केा बनाए रखने के लिए जनभागीदारी केा बढ़ाना रहा। इस अभियान में स्थानीय लोगों ने न केवल हिस्सेदारी निभाई बल्कि इस दिषा में प्रयास भी किए।
समाज में नदियों के प्रति जारुकता आए, नई पीढ़ी इसके महत्व केा जान सके इस मकसद से नदी की पाठशाला की शुरूआत होने जा रही है। नदी की पाठशाला की शुरुआत मई माह से होगी, जिसमें प्रत्येक तीन माह में एक बैच 10 विद्यार्थियों का होगा, तीन दिवसीय आवासीय पाठशाला चलाई जाएगी, जिसमें नदी को जानने समझने के लिए 10 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा इन्हीं 10 विद्यार्थियों को मंदाकिनी प्रहरी बनाया जाएगा।
इसके अलावा नदी के किनारे के घाट पर सप्ताहिक श्रम साधना की जा रही है। प्रत्येक पखवाड़े में रामघाट मां मंदाकिनी आरती स्थल में मंदाकिनी नदी की निर्मलता हेतु शपथ भी दिलाई जाती है। ग्राम पंचायत हिनौता, सगवारा में प्राकृतिक खेती की शुरूआत भी की गई है ताकि नदी के किनारे पेस्टिसाइड ऑफ फर्टिलाइजर का प्रयोग कम हो सके। नदी से जन को जोड़ने के लिए गांव-गांव में नदी संवाद किए जा रहे हैं।(आईएएनएस)
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