Rising sugar prices are the result of the governments flawed policies and poor management: Kumari Selja-m.khaskhabar.com
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चीनी की बढ़ती कीमतें सरकार की गलत नीतियों और कमजोर प्रबंधन का नतीजा : कुमारी सैलजा

khaskhabar.com: शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 9:39 PM (IST)
चीनी की बढ़ती कीमतें सरकार की गलत नीतियों और कमजोर प्रबंधन का नतीजा : कुमारी सैलजा
सिरसा। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने देश में चीनी की बढ़ती कीमतों और घटते भंडार को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश में चीनी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ने के संकेत मिल रहे थे, तब सरकार को भविष्य की घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखकर ठोस नीति बनानी चाहिए थी। इसके विपरीत चीनी का निर्यात किया गया और गन्ने का बड़ा हिस्सा एथनॉल उत्पादन की ओर मोड़ा गया। आज इसका असर आम उपभोक्ता की जेब पर दिखाई दे रहा है। मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि पिछले तीन महीनों में चीनी के दाम में करीब 40 प्रतिशत तक वृद्धि की बात सामने आ रही है। इसी अवधि में गुड़, चावल और मक्के के आटे सहित कई आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़े हैं। महंगाई से पहले ही परेशान गरीब और मध्यम वर्ग के लिए रसोई का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि रिपोर्टों के अनुसार देश में चीनी मिलों का ओपनिंग स्टॉक पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम रहने का अनुमान है। हालात ऐसे बन रहे हैं कि लंबे अंतराल के बाद सरकार को करीब 10 लाख टन रॉ शुगर के शुल्क-मुक्त आयात पर विचार करना पड़ सकता है। यदि घरेलू मांग पूरी करने के लिए विदेशी चीनी पर निर्भर होना पड़ता है तो यह सरकार की नीति और आपूर्ति प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि केंद्र सरकार ने एथनॉल मिश्रण को बढ़ावा देते हुए पेट्रोलियम आयात घटाने और विदेशी मुद्रा बचाने के बड़े दावे किए, लेकिन इसके साथ यह सुनिश्चित करना भी उसकी जिम्मेदारी थी कि गन्ने के बढ़ते एथनॉल उपयोग का असर चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर न पड़े। किसी एक लक्ष्य को हासिल करने के प्रयास में आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को महंगा करना उचित नीति नहीं कही जा सकती।
सांसद ने कहा कि बढ़ते एथनॉल मिश्रण को लेकर पुराने वाहनों के माइलेज और अनुकूलता से जुड़ी उपभोक्ताओं की चिंताओं का भी सरकार को स्पष्ट और तथ्यात्मक समाधान देना चाहिए। भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का खामियाजा बार-बार आम आदमी और मध्यम वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। चीनी प्रत्येक घर की रोजमर्रा की आवश्यकता है, इसलिए इसकी कीमतों में तेज वृद्धि को सामान्य बाजार उतार-चढ़ाव बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से मांग की कि देश में चीनी के वास्तविक उत्पादन, उपलब्ध स्टॉक, घरेलू खपत, निर्यात और एथनॉल के लिए इस्तेमाल किए जा रहे गन्ने की स्थिति सार्वजनिक की जाए। ऐसी दीर्घकालिक नीति बनाई जाए जिसमें किसानों को गन्ने का लाभकारी मूल्य मिले, एथनॉल उत्पादन संतुलित ढंग से चले और आम उपभोक्ता को उचित कीमत पर चीनी उपलब्ध होती रहे।
एसआईआर के नाम पर योग्य मतदाताओं के नाम हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला : कुमारी सैलजा
कुमारी सैलजा ने उत्तराखंड में एसआईआर के नाम पर मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के सूची से हटाना उसके लोकतांत्रिक अधिकार पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस नेता इस संबंध में ज्ञापन सौंपने चुनाव आयोग पहुंचे थे, लेकिन उन्हें रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
सांसद ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर किसी पात्र नागरिक को मताधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए, हटाए गए नामों की निष्पक्ष समीक्षा कर पात्र मतदाताओं के नाम बहाल किए जाएं और जानबूझकर गड़बड़ी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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