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वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता, नाविक बोले- रोजी-रोटी पर पड़ता है सीधा असर

उन्होंने कहा कि गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर केवल नाविकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि घाटों पर दुकान लगाने वाले रेहड़ी-पटरी वालों, फूल-माला बेचने वालों और अन्य छोटे कारोबारियों की आजीविका भी प्रभावित होती है। गंगा से जुड़े हजारों लोगों का जीवन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसी नदी पर निर्भर है।
वहीं, घाट पर पूजा-पाठ कराने वाले पंडित शशिकांत पाठक ने भी बढ़ते जलस्तर को चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से गंगा का पानी बढ़ रहा है, अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले कुछ दिनों में जलस्तर और ऊपर पहुंच सकता है। इससे घाटों पर होने वाली आरती और धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
पंडित शशिकांत पाठक ने कहा कि गंगा आरती के दौरान श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था में भी परेशानी आ सकती है। उन्होंने बताया कि गंगा से जुड़े कई लोगों की आजीविका प्रभावित होगी, जिसमें पुरोहित, माला-फूल बेचने वाले और अन्य छोटे व्यापारी शामिल हैं।
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