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मंडी जिले में राजस्व अदालतों से मामलों के निपटारे की रफ्तार तेज, दो वर्षों में निपटाए 32 हजार से अधिक लंबित मामले

रणजीत सिंह, गांव टटीह सरकाघाट ने बताया कि उनकी भी तकसीम भाई के साथ थी, जोकि शीघ्र ही निपटा दी गई। इससे पहले लोगों को तहसील कार्यालयों के कई बार चक्कर लगाने पड़ते थे। जिससे समय की बड़ी बर्बादी होती थी। पूरा दिन इन कामों में चला जाता था, फिर भी काम नहीं हो पाता था । अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगवाई में सरकार ने जो राजस्व लोक अदालत की योजना चलाई है, उससे लोगों के तकसीम, इंतकाल के काम मौके पर ही निपटाए जा रहे हैं। जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
राजस्व अदालतों की इस सतत पहल ने मंडी जिले को उन अग्रणी जिलों में शामिल कर दिया है जहां राजस्व मामलों का निपटारा समयबद्ध और प्रभावी रूप से हो रहा है और न्याय लोगों की पहुंच के और अधिक निकट आ गया है। जनता में बनी सकारात्मक धारणा इस बात का संकेत है कि राजस्व अदालतें उद्देश्यपूर्ण, परिणामकारी और जनहितकारी सिद्ध हो रही हैं।
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि राजस्व अदालतों के निरंतर आयोजन ने लोगों को वास्तविक राहत प्रदान की है और सरकार की संवेदनशीलता तथा जनकल्याण की प्रतिबद्धता का सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी नागरिक को छोटी-छोटी राजस्व प्रक्रियाओं के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। राजस्व अदालतों ने गाँव और तहसील स्तर पर सरल, पारदर्शी और सुलभ सेवा व्यवस्था प्रदान की है, जिससे जनता का भरोसा बढ़ा है और जनभागीदारी भी मजबूत हुई है।
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