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राम मंदिर ट्रस्ट की अयोध्या में अहम बैठक, CEO पद पर फैसले की संभावना

khaskhabar.com: बुधवार, 02 सितम्बर 2026 10:23 AM (IST)
राम मंदिर ट्रस्ट की अयोध्या में अहम बैठक, CEO पद पर फैसले की संभावना
अयोध्या । श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बुधवार को अयोध्या में एक अहम बैठक करेगा। इस बैठक में ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जाएगा और ट्रस्टी-स्तर के अन्य पदों पर चर्चा होगी, क्योंकि मंदिर समिति बड़े प्रशासनिक और नेतृत्व संबंधी बदलावों की ओर बढ़ रही है। मणिराम दास छावनी में होने वाली इस अहम बैठक के दो सत्र होंगे। इसमें ट्रस्ट की प्रबंधन, निर्माण, वित्त और धार्मिक समितियों के पुनर्गठन पर मुख्य रूप से चर्चा होने की उम्मीद है। यह बैठक राम मंदिर के पहले सीईओ के पद के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी द्वारा तीन नामों की सिफारिश किए जाने के एक दिन बाद हो रही है। इस समिति में लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी (रिटायर्ड), पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल थे। समिति ने मंगलवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने सर्च कमेटी के सदस्यों को उनके अथक प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि ट्रस्ट बोर्ड की बैठक से पहले उनकी सिफारिशों पर विचार करेंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रस्ट की बैठक के बाद सीईओ के नाम की घोषणा की जाएगी, तो स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा कि यह मंदिर समिति के फैसले पर निर्भर करता है।
इस बीच, जस्टिस कोहली (रिटायर्ड) ने कहा कि वह और समिति के अन्य सदस्य इस अवसर के लिए भगवान राम के प्रति आभारी और खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा काम है जिसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता की बहुत ज्यादा जरूरत है।"
चयन प्रक्रिया के बारे में बताते हुए पूर्व जज ने कहा, "11 से 18 जुलाई के बीच हमें 5,585 आवेदन मिले। हर आवेदन की जांच करना एक बहुत बड़ा काम था, इसलिए हमने 19 जुलाई को एक बैठक की और एक गूगल फॉर्म बनाने का फैसला किया, जिसमें हमने आवेदकों को उनकी योग्यता के आधार पर अंक दिए।"
उन्होंने बताया, "600 अंकों का एक गूगल फ़ॉर्म तैयार किया गया और सभी उम्मीदवारों को भेजा गया, जिनमें से 3,570 लोगों ने जवाब दिया। इसके बाद, हर जवाब की बारीकी से जांच की गई। जिन लोगों के 60 प्रतिशत से ज्यादा अंक थे, उन्हीं पर विचार किया गया।"
पूर्व जज ने बताया कि 108 लोगों को और कैटेगरी में बांटा गया, जिन्होंने 600 में से 470 या उससे ज्यादा अंक हासिल किए थे। चार दिनों तक इन 108 लोगों से वर्चुअल बातचीत की गई और फिर 17 लोगों को अयोध्या धाम में आमने-सामने बातचीत के लिए बुलाया, जिनमें से 16 लोग शामिल हुए।"
उन्होंने यह भी बताया कि सभी इंटरव्यू देने वालों को अलग-अलग पैमानों के आधार पर अंक दिए गए। उन्होंने कहा, "हमने तीन नामों की सिफारिश की है, जो हमें उनकी सोच, मुद्दों की समझ और भगवान राम के प्रति उनके समर्पण के आधार पर सबसे उपयुक्त लगे।"
--आईएएनएस

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