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शीतला अष्टमी पर राजस्थान के मंदिरों में लगी भक्तों की भारी भीड़, महिला श्रद्धालुओं ने बताया पर्व का महत्व

दर्शन करने पहुंची महिला ने बताया, "शीतला अष्टमी पर एक दिन पहले बनाए गए भोजन का भोग मां को लगता है, और वही भोजन परिवार के बाकी सदस्यों को भी कराया जाता है। माना जाता है कि मां शीतला हर प्रकार के रोगों से भक्तों की रक्षा करती हैं और वही जग की माता और पिता है। उनके बिना उनके भक्त कुछ नहीं कर सकते। सीकर की एक अन्य महिला ने बताया कि पूरे राजस्थान में इस पर्व को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है, और आज पूरे दिन ठंडा खाना खाया जाता है।
ब्यावर में भी शीतला अष्टमी के मौके पर मंदिर में अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। बता दें कि शीतला अष्टमी को 'बासौड़ा' के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि मां शीतला विशेषकर बच्चों को होने वाले रोग जैसे फोड़े, फुंसी, खसरा और चेचक से रक्षा करती है। हर साल होली के बाद इस त्योहार को पूरे धूमधाम से मनाया जाता है।
--आईएएनएस
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