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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान का खनिज क्षेत्र में नवाचार, यहां पढ़ें

khaskhabar.com: बुधवार, 10 जून 2026 6:51 PM (IST)
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान का खनिज क्षेत्र में नवाचार, यहां पढ़ें
जयपुर, । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में क्रिटिकल मिनरल के एक्सप्लोरेशन और अध्ययन को नई गति प्रदान की जा रही है। हाल ही में प्रदेश में पिंक मार्बल और हरे मार्बल के मलबों के ढेर (अपशिष्ट) के अध्ययन में निकेल, कोबाल्ट, क्रोमियम और गैलियम जैसे क्रिटिकल मिनरल्स की गुणवत्तापूर्ण मात्रा के सकारात्मक संकेत मिले हैं। इन मिनरल्स से रक्षा, ग्रीन एनर्जी, एयरोस्पेस और एयरोनॉटिकल उद्योगों की आवश्यकता की पूर्ति हो सकेगी, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ सामरिक और आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी। मुख्यमंत्री की पहल पर खान विभाग के आरएसएमईटी और आईआईटी धनबाद के बीच राजस्थान के खनिज डम्प्स के संबंध में एक समझौता संपन्न हुआ है। इस समझौते के अनुरूप प्रदेश में खनिजों के विशाल ढेरों (ह्यूज डम्प्स ऑफ मिनरल्स), जिनका कोई उपयोग भी नहीं है, में उपलब्ध बेशकीमती क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक खनिजों का पुनर्चक्रण कर इसे व्यावसायिक उत्पादन में उपयोग करने के लिए अध्ययन किया जा रहा है। यह अध्ययन अभिनव प्रयास है। इस समझौते के अंतर्गत खान विभाग द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 78 डम्प्स चिन्हित कर 10-10 डम्प्स का कलस्टर बनाया गया। इनमें से उदयपुर जिले और आसपास के कलस्टर में पिंक मार्बल के 8 डम्प्स और ग्रीन मार्बल (सपैंटिनाइट) के 2 डम्प्स का अध्ययन किया गया। इन डम्प्स में निकेल, कोबाल्ट, क्रोमियम और गैलियम की बड़ी मात्रा पाई गई है। आरंभिक अनुमान के अनुसार यह मात्रा पृथ्वी की पपडी (क्रस्ट) में इनकी सामान्य उपलब्धता से 25 से 40 गुना अधिक है।
खान विभाग द्वारा चिन्हित 78 डम्प्स में से शेष 68 डम्प्स और टेलिंग्स का भी वैज्ञानिक मूल्यांकन आईआईटी आईएसएम धनबाद के सहयोग से किया जा रहा है। जिसमें खदान डम्प्स का जियो रेफरेन्सड डेटाबेस, मेपिंग, सैंपलिंग, निष्कर्षण, मिनरालॉजिकल एनालिसिस व उपलब्ध संसाधनों का आकलन करते हुए टंगस्टन, लिथियम, कोबाल्ट, निकल, आरईई के रिसोर्सेज जैसे महत्वपूर्ण खनिज की उपलब्धता का पता लगाया जा सकेगा। उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर, ऋषभदेव, अजमेर, ब्यावर, सावर, नागौर, सिरोही, जोधपुर, बालेसर, सोजत सिटी और जालौर में अलग-अलग खनिजों के ढेर चिन्हित किये जा चुके हैं। हाल ही में अतिरिक्त मुख्य सचिव खान और पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा से आईआईटी धनबाद के प्रो. धीरज कुमार, आईआईटी आईएसएम के एमेरिट्स प्रो. एएस वैंकटेश, टेक्समिन के दानिश और ऑपरेशन्स मैनेजमेंट आईआईटी दिल्ली के विक्रम केवाई ने मुलाकात कर डम्प्स में क्रिटिकल मिनरल्स की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता की संभावना व्यक्त की।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल्स के एक्सप्लोरेशन और खनन पर विशेष फोकस है। इसी क्रम में उन्होंने नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन की घोषणा की जिसके अंतर्गत रेयर अर्थ मिनरल्स, हेवी रेयर अर्थ मिनरल्स और क्रिटिकल रेयर मेटल्स पर तेजी से काम किया जा रहा है। राजस्थान ने इस दिशा में नवाचार करते हुए खनिजों के डम्प्स से क्रिटिकल मिनरल का एक्सप्लोरेशन का काम शुरु किया है। वहीं, प्रदेश ने रेयर अर्थ मिनरल्स और हेवी रेयर अर्थ मिनरल्स क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक मिनरल्स आरईई के डिपोजिट्स मिले हैं जिनका केंद्र सरकार द्वारा खनिज ब्लॉकों का ऑक्शन भी किया जा रहा है।

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