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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान का खनिज क्षेत्र में नवाचार, यहां पढ़ें

खान विभाग द्वारा चिन्हित 78 डम्प्स में से शेष 68 डम्प्स और टेलिंग्स का भी वैज्ञानिक मूल्यांकन आईआईटी आईएसएम धनबाद के सहयोग से किया जा रहा है। जिसमें खदान डम्प्स का जियो रेफरेन्सड डेटाबेस, मेपिंग, सैंपलिंग, निष्कर्षण, मिनरालॉजिकल एनालिसिस व उपलब्ध संसाधनों का आकलन करते हुए टंगस्टन, लिथियम, कोबाल्ट, निकल, आरईई के रिसोर्सेज जैसे महत्वपूर्ण खनिज की उपलब्धता का पता लगाया जा सकेगा। उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर, ऋषभदेव, अजमेर, ब्यावर, सावर, नागौर, सिरोही, जोधपुर, बालेसर, सोजत सिटी और जालौर में अलग-अलग खनिजों के ढेर चिन्हित किये जा चुके हैं। हाल ही में अतिरिक्त मुख्य सचिव खान और पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा से आईआईटी धनबाद के प्रो. धीरज कुमार, आईआईटी आईएसएम के एमेरिट्स प्रो. एएस वैंकटेश, टेक्समिन के दानिश और ऑपरेशन्स मैनेजमेंट आईआईटी दिल्ली के विक्रम केवाई ने मुलाकात कर डम्प्स में क्रिटिकल मिनरल्स की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता की संभावना व्यक्त की।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल्स के एक्सप्लोरेशन और खनन पर विशेष फोकस है। इसी क्रम में उन्होंने नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन की घोषणा की जिसके अंतर्गत रेयर अर्थ मिनरल्स, हेवी रेयर अर्थ मिनरल्स और क्रिटिकल रेयर मेटल्स पर तेजी से काम किया जा रहा है। राजस्थान ने इस दिशा में नवाचार करते हुए खनिजों के डम्प्स से क्रिटिकल मिनरल का एक्सप्लोरेशन का काम शुरु किया है। वहीं, प्रदेश ने रेयर अर्थ मिनरल्स और हेवी रेयर अर्थ मिनरल्स क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक मिनरल्स आरईई के डिपोजिट्स मिले हैं जिनका केंद्र सरकार द्वारा खनिज ब्लॉकों का ऑक्शन भी किया जा रहा है।
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