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राजस्थान : भाजपा विधायक की कंपनी पर 25 लाख का भारी जुर्माना, हाईवे पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ी भारी

इन कमियों पर लगा 25 लाख का जुर्माना
आरटीओ इंस्पेक्टर रॉबिन सिंह की टीम ने निरीक्षण के दौरान 25 अलग-अलग बिंदुओं पर लापरवाही पाई, जिनमें से प्रत्येक के लिए 1-1 लाख रुपए का दंड निर्धारित किया गया:
आपातकालीन सेवाओं का अभाव: टोल बूथ पर न तो एम्बुलेंस मौजूद थी और न ही हादसों के समय ट्रैफिक साफ करने के लिए हाइड्रा क्रेन।
सांकेतिक बोर्डों की कमी: हाईवे पर जंक्शनों (चौराहों) पर वॉर्निंग साइन, नाइट रिफ्लेक्टर और इमरजेंसी नंबर के बोर्ड नहीं मिले।
सुरक्षा में चूक: हाईवे पेट्रोलिंग की कोई व्यवस्था नहीं पाई गई, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
2026 तक गारंटी में है सड़क
यह सड़क जुलाई 2020 में करीब 215 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुई थी। नियमानुसार, 2026 तक यह सड़क गारंटी अवधि (Defect Liability Period) में है, जिसका अर्थ है कि इसके रखरखाव और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार कंपनी की है। विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 198ए के तहत यह चालान काटा है।
विभाग का कड़ा संदेश
इंस्पेक्टर रॉबिन सिंह ने स्पष्ट किया कि "आम जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है।" नियमों का उल्लंघन करने पर चाहे वह विधायक की कंपनी हो या कोई और, कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई से टोल वसूलने वाली फर्म 'KKC सीकर' को भी संयुक्त रूप से दोषी माना गया है।
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