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राजस्थान : हाइवे किनारे शराब की दुकानों को फिलहाल बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक

गौरतलब है कि 24 नवंबर 2025 को जोधपुर हाईकोर्ट ने एक कड़ा फैसला सुनाते हुए कहा था कि सुरक्षा के मानक राजस्व से ऊपर हैं। कोर्ट ने आदेश दिया था कि नगर निगम या स्थानीय निकाय की सीमा में आने वाले हाईवे पर भी 500 मीटर के दायरे में कोई शराब की दुकान नहीं होनी चाहिए। हाईकोर्ट का तर्क था कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोपरि है, चाहे इससे सरकार को 2100 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान ही क्यों न हो।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार की दलीलें
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने पक्ष रखते हुए कहा कि:
सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने फैसलों में स्पष्ट किया है कि नगर निकाय सीमा के भीतर आने वाले हाईवे पर 500 मीटर की बाध्यता लागू नहीं होती।
हाईकोर्ट का आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले से स्थापित कानूनी सिद्धांतों के विपरीत है।
शहरी क्षेत्रों में हाईवे अक्सर मुख्य सड़क बन जाते हैं, जहाँ सुरक्षा के नियम ग्रामीण इलाकों से भिन्न होते हैं।
राजस्व और दुकानों पर प्रभाव
सुप्रीम कोर्ट के इस 'स्टे' के बाद अब प्रदेश की करीब 1102 दुकानें फिलहाल बंद नहीं होंगी। यदि हाईकोर्ट का फैसला लागू होता, तो राज्य सरकार को सालाना करीब 2100 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा होने का अनुमान था।
आगे की राह : सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर विस्तृत सुनवाई करेगा, तब तक प्रदेश में हाईवे किनारे (शहरी सीमा में) स्थित दुकानों का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा।
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