Purification of the stage after Kharges rally is an insult to the Constitution and equality: Kumari Selja-m.khaskhabar.com
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खड़गे की सभा के बाद मंच का ‘शुद्धिकरण’ संविधान और समानता का अपमान : कुमारी सैलजा

khaskhabar.com: शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 3:44 PM (IST)
खड़गे की सभा के बाद मंच का ‘शुद्धिकरण’ संविधान और समानता का अपमान : कुमारी सैलजा
सिरसा। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित रूप से मंच का ‘शुद्धिकरण’ किए जाने की घटना को संविधान, सामाजिक समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस घटना के लिए न केवल मल्लिकार्जुन खड़गे बल्कि पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। कुमारी सैलजा शुक्रवार को सिरसा के अंबेडकर चौक पर कांग्रेस की ओर से आयोजित रोष प्रदर्शन में शामिल हुईं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी की घटना को लेकर विरोध जताया। कुमारी सैलजा ने कहा कि एक तरफ सरकार तिरंगा यात्राएं निकाल रही है और देश आजादी का पर्व मनाने जा रहा है, दूसरी तरफ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान की मूल भावना और समानता के सिद्धांतों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सांसद ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने गए थे। उनके सभा स्थल से जाने के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना बेहद गंभीर और शर्मनाक है। सवाल यह है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी समाज को ‘शुद्ध’ और ‘अशुद्ध’ की मानसिकता से देखने का प्रयास कैसे स्वीकार किया जा सकता है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर इस घटना से गंभीर सवाल खड़े होते हैं। धर्म और जाति के आधार पर लोगों के बीच भेदभाव पैदा करने वाली सोच देश को मजबूत नहीं बल्कि कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता जेपी नड्डा की ओर से मामले की जांच करवाने की बात कही गई है, लेकिन देश के सामने आई घटना पर केवल जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं है। दोषियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार देता है। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की सामाजिक पहचान को लेकर अपमानजनक व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। रोष प्रदर्शन में विधायक गोकुल सेतिया, कालांवाली के विधायक शीशपाल केहरवाला, डॉ. केवी सिंह, वीरभान मेहता, कृष्णा फोगाट, राजकुमार शर्मा, नवीन केडिया, राजेश चाडीवाल, लादुराम पूनिया, जग्गा सिंह बराड़ और सतपाल मेहता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सांसद कोटे की सीमा के बावजूद अधिक से अधिक लोगों तक लाभ पहुंचाने का प्रयास
सिरसा में पानी के टैंकर वितरित करते हुए सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत उपलब्ध बजट की एक निर्धारित सीमा होती है। इसके बावजूद उनका प्रयास रहता है कि क्षेत्र से आने वाली अधिक से अधिक जनहित की मांगों को पूरा कराया जाए और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सांसद कोटे का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी जरूरत से जुड़ी मांगों को प्राथमिकता से पूरा करने का प्रयास किया जाता है। पानी के टैंकरों से जरूरत वाले क्षेत्रों और लोगों को सुविधा मिलेगी।

रोड़ी बाजार की खुदी सड़कों पर सैलजा ने जताई चिंता, व्यापारियों ने सुनाया दर्द

अंबेडकर चौक पर रोष प्रदर्शन के बाद सांसद कुमारी सैलजा रोड़ी बाजार पहुंचीं और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों व दुकानदारों से मुलाकात की। उन्होंने बाजार में सड़क के बीच खोदे गए गड्ढों और अधूरे पड़े कार्यों का निरीक्षण किया। व्यापारियों ने बताया कि बरसाती पानी की निकासी के लिए लाइन डालने के नाम पर बाजार की सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, जिससे आवाजाही प्रभावित होने के साथ उनका कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
व्यापार मंडल के प्रधान हीरालाल शर्मा व अन्य पदाधिकारियों ने सांसद को शहर और बाजार की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। कुमारी सैलजा ने सिरसा शहर की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि विकास कार्य इस तरह किए जाने चाहिए कि जनता और व्यापारियों को महीनों परेशानी न झेलनी पड़े। काम समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा होना चाहिए।
सफाई कर्मचारियों को पक्का करे सरकार, झूठे आश्वासन देकर गुमराह करना बंद करे : सैलजा
कुमारी सैलजा ने सफाई कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को उनके साथ न्याय करते हुए पात्र कर्मचारियों को नियमित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ शहरों की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये के ठेके दिए जा रहे हैं और वॉल पेंटिंग जैसे कार्यों पर पैसा खर्च किया जा रहा है, जबकि वास्तव में शहर को साफ रखने वाले कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
सांसद ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को बार-बार आश्वासन देकर उनकी मांगों को लंबित रखना उचित नहीं है। सरकार को कर्मचारियों से किए गए वादों पर स्पष्ट नीति बनाकर फैसला लेना चाहिए। शहर की स्वच्छता केवल ठेके और सौंदर्यीकरण से नहीं, बल्कि सफाई व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कर्मचारियों को सम्मान, सुरक्षा और उचित अधिकार देने से सुनिश्चित होगी।

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