Punjabs history should remain an important part of academic study, Akali Dal leader said on Punjab University syllabus controversy.-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Oct 16, 2026 4:58 am
Location
 
   राजस्थान और हरियाणा सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

'पंजाब का इतिहास अकादमिक अध्ययन का अहम हिस्सा बना रहे', पंजाब यूनिवर्सिटी के सिलेबस विवाद पर बोले अकाली दल के नेता

khaskhabar.com: शनिवार, 12 सितम्बर 2026 1:57 PM (IST)
'पंजाब का इतिहास अकादमिक अध्ययन का अहम हिस्सा बना रहे', पंजाब यूनिवर्सिटी के सिलेबस विवाद पर बोले अकाली दल के नेता
चंडीगढ़ । चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी के पीजी इतिहास सिलेबस से कथित तौर पर पंजाब के इतिहास से जुड़े चार पेपर हटाने पर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब का इतिहास अकादमिक अध्ययन का एक अहम और सम्मानित हिस्सा बना रहना चाहिए। पंजाब के पूर्व शिक्षा मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में पीजी इतिहास सिलेबस से पंजाब के इतिहास से जुड़े चार पेपर हटाने का फैसला पंजाबियों और हमारी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को बचाने के लिए प्रतिबद्ध सभी लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय था।" उन्होंने कहा, "मैंने शिरोमणि अकाली दल की ओर से पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर और इतिहास विभाग के प्रोफेसर व हेड के साथ यह मामला उठाया। मुझे भरोसा दिलाया गया कि इस फैसले को जल्द ही वापस ले लिया जाएगा और पहले का पूरा सिलेबस बहाल कर दिया जाएगा। मैं इस आश्वासन का स्वागत करता हूं। साथ ही, मैं पंजाब यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे यह सुनिश्चित करें कि ऐसे फैसले, जो पंजाबियों के लिए गहरी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संवेदनाएं रखते हैं, भविष्य में दोबारा न लिए जाएं। पंजाब का इतिहास अकादमिक अध्ययन का एक अहम और सम्मानित हिस्सा बना रहना चाहिए।"
इससे पहले, शुक्रवार को कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "कांग्रेस पार्टी आरएसएस समर्थित भाजपा सरकार की ओर से चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी के संशोधित सिलेबस में सिख और पंजाब के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की निंदा करती है। यह पंजाब के गौरवशाली इतिहास और मानवता के लिए हमारे गुरुओं की ओर से दिए गए महान बलिदानों को कमजोर करने जैसा है।"
उन्होंने पोस्ट में लिखा, "हम पंजाब कांग्रेस मूल सिलेबस को बहाल करने की मांग करते हैं, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां पिछली घटनाओं और इतिहास से अच्छी तरह वाकिफ हों।"
--आईएएनएस

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement