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पंजाब भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला, संगरूर से जुड़े दो मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग

khaskhabar.com: मंगलवार, 08 सितम्बर 2026 7:56 PM (IST)
पंजाब भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला, संगरूर से जुड़े दो मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग
चंडीगढ़। पंजाब भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने संगरूर से जुड़े दो गंभीर मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। पहला मामला राज्य में नशे की समस्या से परेशान होकर गुलजार सिंह द्वारा आत्महत्या किए जाने का है, जबकि दूसरा मामला मोहनजीत सिंह के साथ कथित पुलिस हिरासत में मारपीट से जुड़ा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने बताया कि गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री हरपाल चीमा की एक जनसभा में अपने इलाके में 'चिट्टा' (सिंथेटिक ड्रग) की खुलेआम बिक्री का मुद्दा उठाया था और ड्रग की समस्या के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह का परिवार भी उनके बेटे की 'चिट्टा' की गंभीर लत के कारण मुश्किलों का सामना कर रहा था।
भाजपा ने कहा कि गुलजार सिंह ने अपनी मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में वित्त मंत्री और अन्य लोगों का नाम लिया था, जिन्हें उन्होंने अपनी मौत की वजह बने हालात के लिए जिम्मेदार ठहराया था। पार्टी ने मांग की कि इस मामले को सिर्फ आत्महत्या का मामला न माना जाए और गुलजार सिंह के आरोपों की कानून के मुताबिक पूरी जांच की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने उनकी मौत की सीबीआई से जांच की मांग की, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि वीडियो रिकॉर्डिंग, संबंधित बातचीत और परिवार के सदस्यों के बयानों को सबूत के तौर पर सुरक्षित रखा जाए।
ढिल्लों ने गवर्नर का ध्यान मोहनजीत सिंह के साथ हिरासत में कथित मारपीट के मामले की ओर भी दिलाया। ढिल्लों ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के संगरूर दौरे के दौरान राज्य सरकार द्वारा ड्रग्स की समस्या से निपटने के तरीके का विरोध करने पर मोहनजीत सिंह को हिरासत में लिया गया था।
पार्टी ने कहा कि बाद में मोहनजीत सिंह ने शारीरिक दुर्व्यवहार और हिरासत में यातना का आरोप लगाया और उन्हें इलाज करवाना पड़ा।
भाजपा ने उन सभी सिविल अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की, जिन्होंने मोहनजीत सिंह को विरोध स्थल से हटाने का आदेश दिया या मंजूरी दी थी। साथ ही उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर की मांग की जो उन्हें हटाने, मारपीट करने या हिरासत में कथित तौर पर प्रताड़ित करने के लिए जिम्मेदार पाए गए।
इसमें मामले की स्वतंत्र सीबीआई जांच की भी मांग की गई और मेडिकल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, पुलिस स्टेशन के रिकॉर्ड, ड्यूटी रोस्टर, आधिकारिक बातचीत और उनकी हिरासत से जुड़े अन्य सभी रिकॉर्ड को तुरंत सुरक्षित रखने की मांग की गई।
बीजेपी ने यह भी घोषणा की कि वह बुधवार को दोनों मामलों में न्याय की मांग को लेकर राज्य भर में विरोध प्रदर्शन करेगी।
--आईएएनएस

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