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हिमाचल में संपत्ति हस्तांतरण हुआ सस्ता, नए स्टांप ड्यूटी नियम लागू करने की तैयारी

khaskhabar.com: मंगलवार, 01 सितम्बर 2026 7:21 PM (IST)
हिमाचल में संपत्ति हस्तांतरण हुआ सस्ता, नए स्टांप ड्यूटी नियम लागू करने की तैयारी
शिमला,। हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने संपत्ति खरीद बिक्री और पंजीकरण से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकार ने बताया कि महिलाओं और परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति हस्तांतरण को आसान और सस्ता बनाने के लिए स्टांप ड्यूटी नियमों में संशोधन किया जा रहा है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विधानसभा में बताया कि संपत्ति बिक्री और उपहार (गिफ्ट) से जुड़े मामलों को छोड़कर कई दस्तावेजों पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी की दरें वर्षों से नहीं बदली थीं। साथ ही पुराने नियमों में बार-बार किए गए छोटे-छोटे बदलावों से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी। इसे देखते हुए सरकार ने पुराने प्रावधानों की जगह एक नई और सरल सूची (शेड्यूल 1-ए) लागू करने का फैसला किया है। इसी उद्देश्य से भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया गया है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद 1899 के पुराने और जटिल कानूनों को आधुनिक, सरल और अधिक स्पष्ट बनाना है।
नए प्रस्तावित नियमों के अनुसार, यदि कोई महिला अपने नाम एक करोड़ रुपए तक मूल्य की संपत्ति का पंजीकरण कराती है या उसे उपहार स्वरूप संपत्ति मिलती है, तो उसे केवल 4 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी देनी होगी। एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की संपत्ति पर महिलाओं के लिए 8 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी निर्धारित की गई है।
वहीं पुरुषों और अन्य लोगों के लिए 40 लाख रुपए तक की संपत्ति के पंजीकरण पर 6 प्रतिशत तथा 40 लाख रुपए से अधिक मूल्य की संपत्ति पर 8 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी देनी होगी।
सरकार ने परिवार के भीतर संपत्ति हस्तांतरण को भी काफी सस्ता कर दिया है। पति-पत्नी या माता-पिता और बच्चों जैसे रक्त संबंधियों के बीच संपत्ति के हस्तांतरण पर अब कुल संपत्ति मूल्य का केवल 0.1 प्रतिशत स्टांप शुल्क देना होगा। इससे पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे और हस्तांतरण में लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, राज्य के बाहर के लोगों और धारा 118 के तहत विशेष अनुमति लेकर जमीन खरीदने या लीज पर लेने वाले मामलों में पुरुष और महिला के बीच कोई अलग व्यवस्था नहीं होगी। ऐसे मामलों में सीधे 12 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी देनी होगी।
इसके अलावा, तहसील कार्यालयों में तैयार किए जाने वाले सामान्य शपथ पत्रों (एफिडेविट) पर अब 100 रुपए का स्टांप लगेगा। वहीं, दत्तक ग्रहण (एडॉप्शन) से संबंधित कानूनी दस्तावेजों के निष्पादन की लागत 2,000 रुपए निर्धारित की गई है।
सरकार का मानना है कि इन बदलावों से संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनेगी, जबकि महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।
--आईएएनएस

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