पीएम की ऊर्जा बचत की अपील पर सियासत तेज, ब्रजेश पाठक बोले-अखिलेश और राहुल की सोच नकारात्मक

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स के जरिए भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखा कि चुनाव खत्म होते ही ‘संकट’ याद आ गया। दरअसल देश के लिए ‘संकट’ सिर्फ एक है और उसका नाम है ‘भाजपा’। इतनी सारी पाबंदियां लगानी पड़ीं तो ‘पंच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था’ कैसे बनेगी? लगता है भाजपा सरकार के हाथ से लगाम पूरी तरह छूट गई है। डॉलर आसमान छू रहा है और देश का रुपया पातालोन्मुखी हो गया है।
उन्होंने आगे कहा कि सोना न खरीदने की अपील जनता से नहीं, भाजपाइयों को अपने भ्रष्ट लोगों से करनी चाहिए, क्योंकि जनता तो वैसे भी 1.5 लाख तोले का सोना नहीं खरीद पा रही है। भाजपाई ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं। हमारी बात गलत लग रही हो तो ‘लखनऊ से लेकर गोरखपुर’ तक पता कर लीजिए या ‘अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी’ तक। अखिलेश यादव ने तंजिया लहजे में कहा कि वैसे सारी पाबंदियां चुनाव के बाद ही क्यों याद आईं?
-- आईएएनएस
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