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किसानों के जख्म पर नमक छिड़क दिया डीएम ने

khaskhabar.com : गुरुवार, 10 अगस्त 2017 6:24 PM (IST)
किसानों के जख्म पर नमक छिड़क दिया डीएम ने
पीलीभीत। जनपद पीलीभीत में गुरुवार को बाघ के हमले में एक और किसान की मौत के बाद पिछले 4 दिन में बाघ के हमले में तीसरे किसान की जान गई है। क्षेत्र में बाघ की दहशत का आलम यह है की किसान का खेत पर जाना खतरे से खाली नहीं रह गया है। लापरवाह वन विभाग के अतिरिक्त शासन और प्रशासन की ओर से संवेदना तक नहीं दी गई है। इधर डीएम शीतल वर्मा ने किसान परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय नमक छिड़कने का काम किया है। उन्होंने लापरवाह वन विभाग को क्लीन चिट देते हुए किसानों को ही उनकी जान जाने का जिम्मेदार ठहरा दिया | जिससे ग्रामीणों में आक्रोश भी पनप रहा है | आज की ताज़ा घटना पीलीभीत तहसील के गाँव पिंजरा हिमकरपुर की है | जहाँ 40 वर्षीय किसान को बाघ ने अपना निवाला बनाया है |

बीते 4 दिन में बाघ ने पहले करघैना फिर माधोपुर पट्टी और आज पिंजरा हिमकरपुर में तीसरे किसान को मारा है | दरअसल तहसील पीलीभीत के गाँव बेरी के रहने वाले 40 वर्षीय किसान कुवर सेन की मात्र तीन बीघा जमीन गाँव से लगी देवह नदी के दूसरी और के गाँव पिंजरा हिमकरपुर पुर में है | जिसमें कुवर सेन अपने बेटे के साथ खाद लगाने गया था | बताया जा रहा है कि कुंवर सेन का बेटा खाद लगा रहा था और कुवार्सें मेड पर खड़ा था | तभी उस पर अचानक टाइगर ने हमला कर दिया | किसान के पुत्र हरीश ने पिता को बछाने के लिए कृषि औजार से लेकर डंडा पत्थर जो मिला सब टाइगर पर फेंका लेकिन टाइगर उसके पिता को खींचकर गन्ने में ले गया | कुछ देर बाद ग्रामीणों को किसान कुंवर सेन का शव मिला |


डीएम की सुनिए

जब इस मामले में डीएम पीलीभीत शीतल वर्मा से बात की गई तो उनका जबाव चौंकाने वाला था| खेत में बाघ का शिकार हो रहे किसानों की मौत के मामले में वन विभाग की डीएम ने लापरवाही मानने से इनकार कर दिया | उन्होंने वन विभाग को क्लीन चिट देते हुए मृतक किसानों के परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कते हुए कहा की किसानों की मौत के जिम्मेदार किसान खुद है| क्योंकि वह टाइगर के हैबिटेट में दखल दे रहे है।
यहाँ डीएम पीलीभीत से सवाल ये है कि क्या वन विभाग के कमरे में देवहा नदी के तटीय इलाके में 5 टाइगर की मौजूदगी ट्रैप कैमरे में आने के बाद उनकी निगरानी की जिम्मेदारी वन विभाग की नहीं है | दूसरा यह की टाइगर रिज़र्व क्षेत्र से 20 किमी दूर बाघ आ जाते है और वन विभाग की कुंभकरणी नींद तब खुलती है जब एक के बाद एक किसानों को वाघ निवाला बना लेता है |


अब बाघ पर सियासत
पीलीभीत में बाघों के हमलो में शिकार हुए किसानों के मामले में अब सियासत शुरू हो गई है। सियासतदान बाघों के हमलों से आक्रोशित है।ऐसे में मुख्य विपक्षी पार्टी सपा के पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा धरने पर बैठ गए है।शहर में नेहरू पार्क में सपा के पूर्व मंत्री का धरना अनिश्चित काल के लिए शुरू हो गया है। ऐसे में पीलीभीत की डीएम शीतल वर्मा का वह बयान जिसमें उन्होंने वन विभाग को क्लीन चिट देते हुए किसानों पर ही मौत की तोहमत मढ़ देने की बात कहने से सियासत की इस चिंगारी को और ही हवा दे दी है।
जिले में बाघ के हमलो में किसानों की मौत की बढ़ती तादात राजनीतिक गलीयारो में सुर्खियां वन चुकी है। आज जिले की सदर तहसील में लगातार चार दिनों में हुई चौथे किसान की मौत ने सियासत गर्मा दी है। ऐसे में सपा के पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने अनिश्चतकालीन धरना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि अब जब तक सरकार बाघ पकड़ने में कोई बड़ा फैसला नहीं लेती तब तक धरना चलता रहेगा।
सपा के पूर्व मंत्री जिले की डीएम शीतल वर्मा के भी उस बयान से खासे भड़के हुए नजर आए। जिसमे डीएम ने किसानों की बाघ हमलो में मौत के पीछे किसानों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। साथ ही वन विभाग की लापरवाही को क्लीन चिट थमा दी। उन्होंने अपने बयान में कहा कि किसान ने बाघो के प्राकृतिक बासो को खत्म कर वहां खेती शुरू कर दी है जिस कारण बाघ हमलो में इजाफा हुआ है। पूर्व मंत्री ने डीएम के इस बयान को बेहत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
यहां हेमराज से भी सवाल बनाता है कि टाइगर रिजर्व उन्हीं की सरकार में बना था। तभी से हमलों का सिलसिला जारी है और बाघों के हमलों में कई जानें जा चुकी थी। तब पूर्व मंत्री ली अंतरात्मा मृतकों के प्रति नही जगी थी।

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