Advertisement
पर्यटक वीजा पर भारत आई पाकिस्तानी महिलाओं ने कहा - '10 साल बाद आए थे, लेकिन अब लौटना पड़ रहा है'

मस्क्रीन ने बताया कि उनके तीन रिश्तेदार आने वाले थे, लेकिन बच्चों का वीजा नहीं मिला, इसलिए सिर्फ वह और उनके पति आए। अब शादी की वीडियो ही फोन पर देख पाएंगे।
वकीला बेगम ने भी अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने कहा, “मेरी सगे भाई की बेटी की शादी थी। 10 साल बाद भारत आई थी। खुशी का माहौल गम में बदल गया। हमने सोचा था शादी की सारी रस्में देखेंगे, लेकिन अब बॉर्डर पर तलाशी और वापसी का इंतजार है।”
उन्होंने आतंकियों की निंदा करते हुए कहा, “जिन्होंने पहलगाम में लोगों को मारा, उनका कोई धर्म नहीं। कश्मीरी मुसलमानों ने हिंदू पर्यटकों की जान बचाई। यह इंसानियत है।”
दोनों महिलाओं ने हमले के बाद बढ़े तनाव और कारोबारी प्रतिबंधों पर भी चिंता जताई।
मस्क्रीन ने कहा, “पुलवामा हमले के बाद से ट्रेन और कारोबार बंद हैं। अब पहलगाम हमले के बाद अफगानिस्तान के रास्ते कारोबार भी बंद हो गया। इससे मजदूरों और कुलियों को नुकसान होगा। पहले भारत-पाकिस्तान में प्यार और कारोबार चलता था, अब दूरियां बढ़ गईं।”
वकीला ने कहा, “आतंकवाद के कारण आम लोग परेशान हैं। अल्लाह ने हमें मिलाया, लेकिन खुशी अधूरी रह गई।”
--आईएएनएस
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
सहारनपुर
Advertisement
उत्तर प्रदेश से
सर्वाधिक पढ़ी गई
Advertisement
Traffic
Features


